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Lucknow News: ग्रीन कॉरिडोर के तीसरे फेज का काम आज से
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लखनऊ। गोमती किनारे बन रहे ग्रीन कॉरिडोर के तीसरे चरण का काम बृहस्पतिवार से शुरू हो जाएगा। इस फेज में सेना की 21.81 हेक्टेयर जमीन भी आ रही है, जिस पर कॉरिडोर बनाने की अनुमति सेना दे चुकी है। काम शुरू करने को लेकर एलडीए व सेना के अधिकारियों ने बुधवार को संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण किया।
आईआईएम रोड से किसान पथ तक करीब 28 किमी लंबे ग्रीन कॉरिडोर के पहले फेज का काम लगभग पूरा हो चुका है। दूसरे फेज का काम चल रहा है। तीसरे फेज में पिपराघाट से शहीद पथ के बीच काम होना है।
सेना की जमीन पर काम को लेकर एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा प्रोजेक्ट से जुड़े इंजीनियरों के साथ मौके पर गए और सैन्य अधिकारियों के साथ सर्वे किया। अपर सचिव ने बताया कि अफसरों को प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि छावनी क्षेत्र में आंतरिक आवागमन के लिए बंधे में तीन अंडरपास या रोटरी बनाई जाएंगी। निर्माण के लिए मिट्टी की खोदाई सेना की जमीन से नहीं की जाएगी।
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कॉरिडोर पर यातायात शुरू होने के बाद छावनी क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश रोकने के लिए बैरिकेडिंग होगी। छावनी में रहने वाले सेना के लोगों के सुगम आवागमन के लिए ग्रीन कॉरिडोर से दिलकुशा तक लिंक रास्ता भी दिया जाएगा।
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आईआईएम रोड से किसान पथ तक करीब 28 किमी लंबे ग्रीन कॉरिडोर के पहले फेज का काम लगभग पूरा हो चुका है। दूसरे फेज का काम चल रहा है। तीसरे फेज में पिपराघाट से शहीद पथ के बीच काम होना है।
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सेना की जमीन पर काम को लेकर एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा प्रोजेक्ट से जुड़े इंजीनियरों के साथ मौके पर गए और सैन्य अधिकारियों के साथ सर्वे किया। अपर सचिव ने बताया कि अफसरों को प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि छावनी क्षेत्र में आंतरिक आवागमन के लिए बंधे में तीन अंडरपास या रोटरी बनाई जाएंगी। निर्माण के लिए मिट्टी की खोदाई सेना की जमीन से नहीं की जाएगी।
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कॉरिडोर पर यातायात शुरू होने के बाद छावनी क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश रोकने के लिए बैरिकेडिंग होगी। छावनी में रहने वाले सेना के लोगों के सुगम आवागमन के लिए ग्रीन कॉरिडोर से दिलकुशा तक लिंक रास्ता भी दिया जाएगा।