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Lucknow News: चारबाग स्टेशन के अपग्रेडेशन के लिए मुख्य प्रवेश द्वार पर भी काम शुरू
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लखनऊ। चारबाग रेलवे स्टेशन के अपग्रेडेशन का काम तेज हो गया है। सेकेंड एंट्री पर निर्माण कार्य तेज करने के साथ ही मुख्य प्रवेशद्वार की पार्किंग में भी निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। अभी स्टेशन के एप्रोच मार्ग बनेंगे।
चारबाग स्टेशन और गोमतीनगर स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने की योजना करीब पांच साल पहले बनी थी। चारबाग के लिए 1800 करोड़ व गोमतीनगर के लिए 1900 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाया गया। गोमतीनगर स्टेशन का काम पहले शुरू हो गया था, जिसका एक चरण पूरा हो चुका है, जून तक दूसरे चरण भी पूरा हो जाएगा, लेकिन चारबाग स्टेशन के काम में मॉडल बार-बार बदलने के कारण देरी हुई।
पहले रेलवे की जमीनों पर व्यावसायिक गतिविधियों से होने वाली कमाई से स्टेशन बनाने का मॉडल बनाया गया, जो फेल साबित हुआ। उसके बाद नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन काॅरपोरेशन (एनबीसीसी) ने प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिया। इससे रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए), जो मुख्य रूप से स्टेशनों को विकसित कर रहा है, ने मॉडल बदल दिया। अब पीपीपी मॉडल पर स्टेशन बनाया जा रहा है।
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520 करोड़ पहले चरण में मिले
चारबाग स्टेशन को विकसित करने के लिए पहले चरण में 520 करोड़ रुपये मिले, जिससे सेकेंड एंट्री पर मॉल व आधुनिक स्टेशन भवन बनेगा। इसी क्रम में अब मुख्य प्रवेशद्वार की ओर निर्माण शुरू कराया गया है। पार्किंगों को सुधारकर चारबाग स्टेशन की एप्रोच सड़कों को विकसित किया जाएगा। इससे आरक्षण केंद्र के अतिरिक्त तीन और रास्ते बन जाएंगे।
चारबाग रेलवे स्टेशन के अपग्रेडेशन के काम को तेज कर दिया गया है। सरकुलेटिंग एरिया के पास पार्किंगों से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। स्टेशन की एप्रोच सड़कों को विकसित कर वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने की तैयारी है।
-सचिंद्र मोहन शर्मा, डीआरएम, उत्तर रेलवे
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चारबाग स्टेशन और गोमतीनगर स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने की योजना करीब पांच साल पहले बनी थी। चारबाग के लिए 1800 करोड़ व गोमतीनगर के लिए 1900 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाया गया। गोमतीनगर स्टेशन का काम पहले शुरू हो गया था, जिसका एक चरण पूरा हो चुका है, जून तक दूसरे चरण भी पूरा हो जाएगा, लेकिन चारबाग स्टेशन के काम में मॉडल बार-बार बदलने के कारण देरी हुई।
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पहले रेलवे की जमीनों पर व्यावसायिक गतिविधियों से होने वाली कमाई से स्टेशन बनाने का मॉडल बनाया गया, जो फेल साबित हुआ। उसके बाद नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन काॅरपोरेशन (एनबीसीसी) ने प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिया। इससे रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए), जो मुख्य रूप से स्टेशनों को विकसित कर रहा है, ने मॉडल बदल दिया। अब पीपीपी मॉडल पर स्टेशन बनाया जा रहा है।
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520 करोड़ पहले चरण में मिले
चारबाग स्टेशन को विकसित करने के लिए पहले चरण में 520 करोड़ रुपये मिले, जिससे सेकेंड एंट्री पर मॉल व आधुनिक स्टेशन भवन बनेगा। इसी क्रम में अब मुख्य प्रवेशद्वार की ओर निर्माण शुरू कराया गया है। पार्किंगों को सुधारकर चारबाग स्टेशन की एप्रोच सड़कों को विकसित किया जाएगा। इससे आरक्षण केंद्र के अतिरिक्त तीन और रास्ते बन जाएंगे।
चारबाग रेलवे स्टेशन के अपग्रेडेशन के काम को तेज कर दिया गया है। सरकुलेटिंग एरिया के पास पार्किंगों से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। स्टेशन की एप्रोच सड़कों को विकसित कर वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने की तैयारी है।
-सचिंद्र मोहन शर्मा, डीआरएम, उत्तर रेलवे