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जब बस के भीतर हवा में लटक गए 40 बराती!
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 23 Jun 2014 02:34 PM IST
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गोंडा में टेढ़ी नदी पर बना लकड़ी का जर्जर पुल शनिवार देर रात बारातियों से भरी एक बस के गुजरने के दौरान टूट गया। बस पुल में ही फंस गई।
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हालांकि, कोई हताहत नहीं हुआ। बस पर सवार करीब 40 बारातियों को किसी तरह सकुशल बाहर निकाला गया। उधर, पुल टूटने से 12 गांवों की लगभग 25 हजार आबादी का आवागमन प्रभावित हो गया है।
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नवाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के दत्तनगर गांव निवासी कारी सिंह के बेटे की शादी थी। बारात देवरिया गई थी।
शनिवार देर रात बारातियों से भरी बस देवरिया से वापस गांव लौट रही थी। रास्ते में नवाबगंज-ढेमवा मार्ग पर टेढ़ी नदी पर बने लकड़ी के पुल को पार करते समय वह अचानक टूट गया। बस पुल में ही फंस गई।
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40 बारातियों को किसी तरह सकुशल बाहर निकाला गया। वहीं, पुल टूटने से ग्राम गोकुला, दत्तनगर, साखीपुर, ब्यौंदा माझा, ब्यौंदा उपरहर, ढेमवा सहित करीब 12 गांवों की लगभग 25 हजार आबादी का आवागमन प्रभावित हो गया है।
बताते चलें कि जर्जर लकड़ी के पुल के बगल में सीमेंटेड पुल का निर्माण कार्य चल रहा है।
उधर, एसडीएम केशव प्रसाद ने बताया कि जर्जर पुल को सही कराकर आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी के अफसरों को पत्र लिखा जा रहा है।
इसके पहले भी टूट चुके हैं दूसरे पुल
30 नवंबर 2013 की रात नवाबगंज से ढेमवाघाट जाने वाले रास्ते पर बना लकड़ी का बलुआ घाट पुल टूट गया था। जिससे इस रास्ते से होकर आने जाने वाली एक दर्जन गांव के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया था।