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मास्क बनाकर आत्मनिर्भर बन रहीं एसएचजी की महिलाएं, मुख्यमंत्री की पहल पर हुई थी शुरुआत
Mon, 19 Apr 2021 04:00 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 19 Apr 2021 04:00 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर हुई शुरुआत का नतीजा है कि अब प्रदेश के कई जिलों में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं सूती व खादी वस्त्रों से दो व तीन लेयर वाले मास्क बना रहीं हैं। सैनिटाइजर और पीपीई किट भी बनाने का काम हो रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
कोरोना संक्रमण की रोकथाम में कारगर साबित हो रहा मास्क अब रोजगार का भी जरिया बन रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को मास्क बनाने के काम से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बना रहा है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर हुई शुरुआत का नतीजा है कि अब प्रदेश के कई जिलों में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं सूती व खादी वस्त्रों से दो व तीन लेयर वाले मास्क बना रहीं हैं। सैनिटाइजर और पीपीई किट भी बनाने का काम हो रहा है।
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एनआरएलएम के निदेशक सुजीत कुमार ने बताया कि इस समय 1,208 समूहों से जुड़ी महिलाएं मास्क बना रही हैं। कोरोना संक्रमण के इस दौर में रविवार तक समूहों से जुड़ी महिलाओं ने 9.39 लाख से ज्यादा मास्क बनाए हैं। 17 महिला समूहों ने 1,248 पीपीई किट भी बनाई है।
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उन्होंने बताया कि महिला समूहों को खादी तथा सूती कपड़े मास्क बनाने के लिए मुहैया कराए जा रहे हैं। मास्क का डिजाइन भी इन्हें दिया गया है। समूहों की ओर से बने मास्क स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, खाद्य विभाग तथा पुलिस प्रशासन को भी उचित दर पर मुहैया कराने की व्यवस्था है।
उन्होंने बताया कि कई अन्य संस्थाओं द्वारा कपड़े का मास्क तैयार करने से इस बार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए प्रतिस्पर्धा का माहौल बना है। बड़ी कंपनियां भी इन महिलाओं से मास्क बनवाने के लिए आगे आ रहीं हैं।