लोकभवन के सामने मां-बेटी ने खुद को जलाया, हालत गंभीर
अमेठी जिला प्रशासन पर अनदेखी का गंभीर आरोप लगाते हुए जामो थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला (56) व उसकी बेटी (28) ने शुक्रवार शाम को लखनऊ में लोकभवन के सामने मिट्टी का तेल उड़ेलकर खुद को आग लगा ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शरीर पर कंबल डालकर आग बुझाई और सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। महिला 80 और बेटी 40 फीसदी झुलस गई है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था नवीन अरोरा के मुताबिक मां-बेटी का गांव में कुछ लोगाें से नाली का विवाद था। इसे लेकर मारपीट हुई थी। बेटी की तहरीर पर जामो थाने में मारपीट व छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज किया गया था। मां-बेटी ने वहां की पुलिस व प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार शाम को लोकभवन के सामने पहुंचकर अपने शरीर में आग लगा ली और सड़क पर दौड़ने लगीं।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों की जान बचाई और सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। अरोरा के मुताबिक अमेठी के पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया जा रहा है और जानकारी मांगी गई है। वहीं मां-बेटी का आरोप है कि एसडीएम ने जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर की गई शिकायत पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसके कारण दबंग लगातार प्रताड़ित करते आ रहे हैं। दबंगों के कारण वे अपने परिवार के साथ घर छोड़ने को मजबूर हैं।
एसडीएम और एसओ पर कार्रवाई न करने का आरोप
विधानभवन के सामने आत्मदाह की कोशिश करने वाली महिला की बेटी के मुताबिक जामो कस्बा में उनकी पुश्तैनी जमीन है। जिस पर कब्जा और पानी निकासी को लेकर कुछ लोग विवाद कर रहे हैं। इन लोगों ने घर पर हमला भी किया था। इस दौरान उसके साथ बदसुलूकी भी की गई।
जामो पुलिस ने सुनील, राजकरन, राममिलन, के खिलाफ मारपीट व छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कर लिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं एसडीएम ने भी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर की गई शिकायत पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जिसके कारण दबंग लगातार प्रताड़ित करते आ रहे हैं।
दबंगों के कारण वह अपने परिवार के साथ घर छोड़ने को मजबूर हैं। इस मामले में दरोगा ब्रह्मानंद यादव ने उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद दरोगा आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाए समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। पीड़िताओं के मुताबिक जब अमेठी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उच्चाधिकारियों से भी संपर्क किया। बताया कि वह आईजी रेंज के कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगा चुकी हैं। लेकिन वहां न्याय नहीं मिला। पुलिस व प्रशासन सीधे दबंगों की मदद कर रहा है।