10 मिनट तक तेंदुए से भिड़ी रही महिला, जबड़े से छुड़ाया अपना सिर, गंभीर घायल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक महिला फूस के मकान में सो रही थी, तभी तेंदुए ने जबड़े से उसका सिर दबोच लिया। सामने तेंदुए को देखकर महिला सहम गई। पर हिम्मत जुटाकर अपने सिर को तेंदुए के जबड़े से छुड़ाया और उससे भिड़ गई। करीब 10 मिनट तक महिला तेंदुए से संघर्ष करती रही। शोर सुनकर ग्रामीण दौड़े। सभी ने मशाल जलाकर हांका लगाया। इस पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। वहां उसका इलाज चल रहा है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र से सटे गांवों में तेंदुओं के हमले काफी बढ़ गए हैं। लेकिन वन विभाग द्वारा बचाव के कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। तेंदुए अब खेतों की जगह घरों में घुसकर हमला कर रहे हैं। संरक्षित वन क्षेत्र के मुर्तिहा रेंज अंतर्गत गोलहना बोझिया गांव निवासी माया देवी (35) पत्नी रामगोपाल शनिवार रात को फूस के मकान में लेटी थी।
रात 11.30 बजे के आसपास जंगल से निकलकर आए तेंदुए ने चारपाई पर लेटी महिला के सिर को जबड़े में पकड़ लिया। महिला अचानक तेंदुआ देख सहम गई। लेकिन हौसला बढ़ाते हुए उसने तेंदुए से सामना किया। लगभग 10 मिनट तक महिला व तेंदुए के बीच संघर्ष चलता रहा।
उसकी चीख पुकार सुनकर परिवार के अन्य लोग आ गए। हांका लगाते हुए मशाल जलाई गई। इस पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया।
महिला के सिर में लगे पांच टांके, हाथ व गले पर गहरे जख्म
गंभीर रूप से घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर पहुंचाकर भर्ती कराया गया। महिला के सिर में पांच टांके लगे हैं। हाथ व गले पर गहरे जख्म हुए हैं। ग्राम प्रधान शिवसागर ने महिला को दो हजार रुपये सहायता दी है। महिला के पति ने मुआवजे व इलाज के लिए वन क्षेत्राधिकारी मुर्तिहा को प्रार्थना पत्र दिया है।
दिया जाएगा मुआवजा
मामले पर डीएफओ जीपी सिंह ने कहा, हमले की जानकारी मिली है। वनकर्मियों को भेजकर मुआयना कराया गया है। जल्द ही उसे मुआवजा दिया जाएगा।