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हाथ छुड़ाकर ट्रेन देखने भागा बच्चा ट्रैक पर फिसला, बचाने दौड़ी मां ने गंवाई जान

Fri, 02 Dec 2016 12:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 02 Dec 2016 12:29 PM IST
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woman met with accident while saving his son
ट्रामा सेंटर में भर्ती सान‌िध्य - फोटो : amar ujala

लखनऊ के निरालानगर रेलवे क्रॉसिंग पर बृहस्पतिवार दोपहर रेलवे ट्रैक पर फिसलकर गिरे लाडले को बचाने दौड़ी मां ने ट्रेन की चपेट में आकर दम तोड़ दिया। इस दौरान पटरियों के बीच पड़े बच्चे के ऊपर से ट्रेन गुजर गई। बच्चे का एक पैर टूट गया है और सिर पर चोटें आई हैं। उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। शाम को परिवारीजन उन्हें ढूंढ़ते घटनास्थल पहुंचे तब शिनाख्त हुई।

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हसनगंज इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह ने बताया कि मृतका निरालानगर पोस्ट ऑफिस के पीछे रहने वाले व आईसीआईसीआई बैंक गोमतीनगर ब्रांच के मैनेजर रजनीश पांडेय की पत्नी पैजनी (26) थीं। रजनीश मूल रूप से देवरिया के रहने वाले हैं। 
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दोपहर करीब डेढ़ बजे पैजनी सीएमएस अलीगंज शाखा में कक्षा दो में पढ़ने वाली बेटी आशी को लेने जा रही थीं। साथ में छह वर्षीय बेटा सानिध्य भी था। मां-बेटे पैदल ही निरालानगर रेलवे क्रॉसिंग पहुंचे तभी ट्रेन का हॉर्न सुनाई दिया। 
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सानिध्य ट्रेन देखने की ललक में मां का हाथ छुड़ाकर रेलवे ट्रैक की तरफ दौड़ा और पैर फिसलने से ट्रैक पर गिर पड़ा। पैजनी चीखते हुए उसे उठाने के लिए दौड़ीं लेकिन तब तक ट्रेन आ चुकी थी। ट्रेन उन्हें टक्कर मारते हुए सानिध्य के ऊपर से गुजर गई। नजारा देखकर राहगीरों के कलेजे धक से रह गए। राहगीरों ने पुलिस कंट्रोलरूम को फोन कर सूचना दी। 

हसनगंज और अलीगंज पुलिस मौके पर पहुंची तो पैजनी की मौत हो चुकी थी जबकि सानिध्य जीवित था। उसे ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया। परिवारीजनों ने बताया कि सानिध्य भी सीएमएस अलीगंज शाखा में एलकेजी का छात्र है। वह आज स्कूल नहीं गया था। 

संवेदनहीनता : पांच घंटे पड़ा रहा शव

woman met with accident while saving his son
डेमो प‌िक - फोटो : demo pic

पुलिस की संवेदनहीनता के चलते पांच घंटे तक पैजनी का शव रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा रहा। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुटी रही। शव को ढकने तक का इंतजाम नहीं किया गया था। 

पुलिस की इस लापरवाही पर लोगों में आक्रोश दिखा। कुछ लोगों ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से शव मर्च्युरी भिजवाने के लिए भी कहा पर कार्रवाई नहीं हुई। आक्रोश पनपता देख पुलिसकर्मी कन्नी काटकर चले गए। यह भी चर्चा रही कि पुलिस ने एक किशोर से बॉडी को ट्रैक से हटवाया।

नौ साल की आशी इंतजार करती रही और उसे लेने आ रही मां का शव स्कूल से चंद कदम दूर पांच घंटे तक पड़ा रहा। रजनीश ने बताया कि आशी की छुट्टी दोपहर दो बजे होती है। पैजनी ही उसे स्कूल से लेने आती थीं। 

बृहस्पतिवार को तीन बजे तक पैजनी स्कूल नहीं पहुंची तो स्कूल प्रशासन ने उन्हें फोन किया। पैजनी का नंबर नहीं लगा तो स्कूल प्रशासन ने पिता रजनीश को सूचना दी। रजनीश स्कूल पहुंचे और बेटी को घर ले आए। यहां पता चला कि पैजनी और सानिध्य स्कूल जाने की बात कहकर ही निकले हैं। इसी के बाद घरवाले उन्हें खोजने निकले। 

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