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लिव-इन में रह रही युवती की मौत, फंदे पर लटकती मिली लाश
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Sun, 16 Apr 2017 12:57 AM IST
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माधुरी (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र की वृंदावन कॉलोनी में लिवइन रिलेशनशिप में रह रही आलमबाग की माधुरी (32) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव बाथरूम के रोशनदान से दुपट्टे के जरिए लटकता मिला।
मृतका के दोनों पैर जमीन पर थे और कपडे़ अस्त-व्यस्त थे। शव से दुर्गंध आ रही थी। इलाकाई लोगों ने हत्या करके शव लटकाने की आशंका जताई है। उसके साथ रहने वाला इलाहाबाद का राजेश कुमार मौर्या गायब है। पुलिस ने राजेश को फोन कर माधुरी की मौत की जानकारी दी।
देर रात तक उसके परिवारीजनों से संपर्क नहीं हो सका था। थाना प्रभारी जैनुद्दीन अंसारी ने बताया कि माधुरी बीमा एजेंट थी। वह मूलरूप से आलमबाग के कृष्णापुरी की रहने वाली थी और दिसंबर 2015 से वह यहां बादशाहनगर निवासी रेलवेकर्मी राजीव वर्मा के मकान में राजेश संग किराए पर रह रही थी।
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राजेश फूड सप्लीमेंट का काम करता है और गोमतीनगर में उसका ऑफिस है। शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे मकान का मेन गेट खुला देखकर पड़ोसी दिलीप ने राजीव को सूचना दी। राजीव वृंदावन कॉलोनी आए और मकान के भीतर पहुंचे तो सामान बिखरा मिला।
उन्होंने सोचा कि मकान में चोरी हुई है। राजीव ने माधुरी को आवाज दी लेकिन, भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। माधुरी को ढूंढते हुए वह मकान के भीतर आ गए तो बाथरूम के रोशनदान में दुपट्टे से उसका शव लटका देख पैरों तले जमीन खिसक गई।
उन्होंने पुलिस को फोन कर सूचना दी। थाना प्रभारी का कहना है कि शव करीब दो दिन पुराना लग रहा है। मौके से सुसाइड नोट नहीं मिला है। माधुरी के मोबाइल फोन की छानबीन की जा रही है।
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मृतका के दोनों पैर जमीन पर थे और कपडे़ अस्त-व्यस्त थे। शव से दुर्गंध आ रही थी। इलाकाई लोगों ने हत्या करके शव लटकाने की आशंका जताई है। उसके साथ रहने वाला इलाहाबाद का राजेश कुमार मौर्या गायब है। पुलिस ने राजेश को फोन कर माधुरी की मौत की जानकारी दी।
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देर रात तक उसके परिवारीजनों से संपर्क नहीं हो सका था। थाना प्रभारी जैनुद्दीन अंसारी ने बताया कि माधुरी बीमा एजेंट थी। वह मूलरूप से आलमबाग के कृष्णापुरी की रहने वाली थी और दिसंबर 2015 से वह यहां बादशाहनगर निवासी रेलवेकर्मी राजीव वर्मा के मकान में राजेश संग किराए पर रह रही थी।
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राजेश फूड सप्लीमेंट का काम करता है और गोमतीनगर में उसका ऑफिस है। शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे मकान का मेन गेट खुला देखकर पड़ोसी दिलीप ने राजीव को सूचना दी। राजीव वृंदावन कॉलोनी आए और मकान के भीतर पहुंचे तो सामान बिखरा मिला।
उन्होंने सोचा कि मकान में चोरी हुई है। राजीव ने माधुरी को आवाज दी लेकिन, भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। माधुरी को ढूंढते हुए वह मकान के भीतर आ गए तो बाथरूम के रोशनदान में दुपट्टे से उसका शव लटका देख पैरों तले जमीन खिसक गई।
उन्होंने पुलिस को फोन कर सूचना दी। थाना प्रभारी का कहना है कि शव करीब दो दिन पुराना लग रहा है। मौके से सुसाइड नोट नहीं मिला है। माधुरी के मोबाइल फोन की छानबीन की जा रही है।
अस्त व्यस्त था कमरे का सामान
कमरे का अस्त व्यस्त सामान
- फोटो : amar ujala
पुलिस ने बताया कि माधुरी के किचन में सीसीटीवी कैमरा लगा है। पुलिस ने कैमरे की छानबीन की तो उसमें चिप लगी मिल गई। कैमरा चालू करने की कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं मिली।
पुलिस ने कैमरा कब्जे में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि कैमरे की चिप से काफी जानकारियां मिल सकती हैं। वहीं राजीव वर्मा का कहना है कि वह जब भी किराया लेने आते थे, दोनों घर पर साथ ही मिलते थे।
राजेश ने माधुरी का परिचय अपनी पत्नी नीलम के रूप में दिया था। अगर उसे पता होता कि दोनों पति-पत्नी नहीं हैं तो कभी मकान किराए पर न देता। माधुरी के कमरे का सामान अस्त-व्यस्त था। आलमारी और बक्से खुले थे। सामान चारों तरफ बिखरा हुआ था। बिस्तर भी पलटा हुआ था। ऐसा लग रहा था कि किसी ने कमरे की सघन तलाशी ली है।
पुलिस का कहना है कि हत्यारे ने जांच की दिशा भ्रमित करने के लिए सामान अस्त-व्यस्त किया होगा। पुलिस राजीव के मकान में पहुंची तो वहां मसाज पार्लर का एक बोर्ड लगा मिला।
कमरे की छानबीन में आलमारी में शराब की कुछ बोतलें रखीं मिलीं। पुलिस ने इस बाबत मकान मालिक से पूछा तो उसने जानकारी से इन्कार किया। इलाके के लोगों का कहना है कि माधुरी का कथित पति राजेश हफ्ते में दो-चार दिन ही नजर आता था।
दोनों की पड़ोसियों और मुहल्ले के लोगों से कम बातचीत होती थी। माधुरी के घर पर अक्सर देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहता था। पुलिस को शक है कि कहीं मसाज पार्लर की आड़ में अनैतिक गतिविधि तो नहीं चल रही थी।
पुलिस ने कैमरा कब्जे में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि कैमरे की चिप से काफी जानकारियां मिल सकती हैं। वहीं राजीव वर्मा का कहना है कि वह जब भी किराया लेने आते थे, दोनों घर पर साथ ही मिलते थे।
राजेश ने माधुरी का परिचय अपनी पत्नी नीलम के रूप में दिया था। अगर उसे पता होता कि दोनों पति-पत्नी नहीं हैं तो कभी मकान किराए पर न देता। माधुरी के कमरे का सामान अस्त-व्यस्त था। आलमारी और बक्से खुले थे। सामान चारों तरफ बिखरा हुआ था। बिस्तर भी पलटा हुआ था। ऐसा लग रहा था कि किसी ने कमरे की सघन तलाशी ली है।
पुलिस का कहना है कि हत्यारे ने जांच की दिशा भ्रमित करने के लिए सामान अस्त-व्यस्त किया होगा। पुलिस राजीव के मकान में पहुंची तो वहां मसाज पार्लर का एक बोर्ड लगा मिला।
कमरे की छानबीन में आलमारी में शराब की कुछ बोतलें रखीं मिलीं। पुलिस ने इस बाबत मकान मालिक से पूछा तो उसने जानकारी से इन्कार किया। इलाके के लोगों का कहना है कि माधुरी का कथित पति राजेश हफ्ते में दो-चार दिन ही नजर आता था।
दोनों की पड़ोसियों और मुहल्ले के लोगों से कम बातचीत होती थी। माधुरी के घर पर अक्सर देर रात तक लोगों का आना-जाना लगा रहता था। पुलिस को शक है कि कहीं मसाज पार्लर की आड़ में अनैतिक गतिविधि तो नहीं चल रही थी।
मकान लेते वक्त बताया पति, अब झाड़ रह है पल्ला
जांच करते पुलिस अधिकारी
- फोटो : amar ujala
पुलिस ने बताया कि माधुरी के राम मिलन भूमि विकास बैंक से रिटायर है और अकेले ही रहते हैं। फिलवक्त वह कहां हैं? इस बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस की एक टीम माधुरी के आलमबाग के कृष्णापुरी स्थित घर भेजी गई थी लेकिन वहां ताला लटका मिला।
आसपास के लोगों से पूछताछ करने में भी किसी परिवारीजन के बारे में पता नहीं चल सका। राजेश कुमार मौर्या ने मकान किराये पर लेते वक्त खुद को माधुरी का पति बताया था। उसने मकान मालिक से किए गए अग्रीमेंट में भी माधुरी को अपनी पत्नी नीलम लिखा था।
हालांकि, माधुरी की मौत के बाद जब पुलिस ने राजेश से संपर्क किया तो उसने पल्ला झाड़ लिया। पुलिस ने राजेश को फोन किया तो उसने वाराणसी में होने की बात कही।
राजेश ने कहा कि वह माधुरी का पति नहीं दोस्त है। माधुरी उसे राह चलते हुए मिली थी। बातचीत के दौरान उसने मकान दिलाने की बात कही तो अपना वोटर आईडी लगाकर उसे किराये पर मकान दिलवा दिया था। वह माधुरी से मिलने आता रहता था।
आसपास के लोगों से पूछताछ करने में भी किसी परिवारीजन के बारे में पता नहीं चल सका। राजेश कुमार मौर्या ने मकान किराये पर लेते वक्त खुद को माधुरी का पति बताया था। उसने मकान मालिक से किए गए अग्रीमेंट में भी माधुरी को अपनी पत्नी नीलम लिखा था।
हालांकि, माधुरी की मौत के बाद जब पुलिस ने राजेश से संपर्क किया तो उसने पल्ला झाड़ लिया। पुलिस ने राजेश को फोन किया तो उसने वाराणसी में होने की बात कही।
राजेश ने कहा कि वह माधुरी का पति नहीं दोस्त है। माधुरी उसे राह चलते हुए मिली थी। बातचीत के दौरान उसने मकान दिलाने की बात कही तो अपना वोटर आईडी लगाकर उसे किराये पर मकान दिलवा दिया था। वह माधुरी से मिलने आता रहता था।