जबरदस्ती अस्पताल में भर्ती रख किया दो बार ऑपरेशन, मौत
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इलाज के नाम पर चल रहे गोरखधंधे ने अमेठी में एक प्रसूता की जान ले ली। बिना लाइसेंस चल रहे नर्सिंग होम में चिकित्सक ने गर्भवती महिला का ऑपरेशन से प्रसव कराया। उसकी हालत बिगड़ने पर एक ऑपरेशन और कर दिया, पर उसकी स्थिति और बिगड़ती चली गई। ऑपरेशन के 17 वें दिन उसने दम तोड़ दिया।
परिवारजन महिला को रेफर करने के लिए गिड़गिड़ाते रहे लेकिन नर्सिंग होम वाले पैसे ऐंठने में लगे रहे। इलाज के नाम पर कुल 82 हजार रुपये जमा करा लिए।
मौत के बाद जब घर वालों ने शव रख कर हंगामा किया तो संचालक व स्टाफ फरार हो गए। ग्रामीणों ने संचालक के बेटे को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है। नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एसडीएम ने हॉस्पिटल को सील कर दिया है।
इस तरह हुई महिला की मौत
अमेठी के दुर्गापुर मार्ग पर जगदंबा प्रसाद ओझा का साकेत पॉली क्लीनिक एंड हॉस्पिटल है। इसकी देखरेख उनका पुत्र विद्याभूषण करता है। अमेठी कोतवाली के गांव गोपालपुर मजरे महमूदपुर निवासी रामसिंह ने 30 सितंबर को पत्नी मंजू को यहीं भर्ती कराया।
आरोप है कि विद्याभूषण ने ऑपरेशन से डिलीवरी और जांच के लिए 32 हजार रुपये जमा करवाए। ऑपरेशन से उसे लड़का पैदा हुआ। तीसरे दिन हालत खराब हुई तो परिवारीजन ने उसे रेफर कराने को कहा लेकिन विद्याभूषण ने 50 हजार रुपये और जमा करार लिए। दोबारा ऑपरेशन हुआ, लेकिन सोमवार को मंजू की मौत हो गई।
खत्म हो गया था क्लीनिक का लाइसेंस
सीएमओ डॉ. आनंद ओझा ने बताया कि क्लीनिक का लाइसेंस अप्रैल में ही खत्म हो गया था। ऐसे मं मरीजों को भर्ती कर उनका ऑपरेशन करना नियम विरूद्घ था।
पहले भी हो चुकी है मौत
इसी नर्सिंग होम में तीन वर्ष पूर्व कोतवाली क्षेत्र के गांव नुवावां निवासी अमित दुबे की गर्भवती पत्नी अनूपा की भी ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी।