फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   woman controls his son with shackle

कलेजे के टुकड़े को जंजीर से बांधकर रखती है एक मां, जानें वजह

Tue, 26 Jul 2016 02:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, राजीचौराहा (बहराइच)
ब्यूरो/अमर उजाला, राजीचौराहा (बहराइच) Updated Tue, 26 Jul 2016 02:53 PM IST
विज्ञापन
woman controls his son with shackle
जंजीरों में जकड़ा संजय - फोटो : amar ujala

आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के पास बेटे की मानसिक बीमारी का इलाज लखनऊ में कराने को पैसे नहीं थे। स्थानीय इलाज से वह ठीक नहीं हुआ। उम्र बढ़ने के साथ वह गांव के लोगों को मारने-पीटने और दांत से काटने लगा। 

विज्ञापन


इसके उलाहनों से परिवार परेशान हो गया। मजबूरी में मां व अन्य परिवारीजनों ने 19 साल के युवक को जंजीर से जकड़ दिया। बीमार युवक की जिंदगी जंजीर में जकड़े हुए गुजर रही है। 
विज्ञापन


महसी में बाढ़ प्रभावित इलाके के फत्तेपुरवा गांव निवासी होलीराम का परिवार मेहनत मजदूरी करता है। होलीराम के मंझला बेटा संजय करीब 19 वर्ष का है।

कई वर्ष पूर्व उसके मानसिक रोगी होने का परिवारीजनों का पता चला था। होलीराम ने बेटे को डॉक्टरों को दिखाया। डॉक्टरों ने उसके मानसिक बीमारी की बात बताई।
विज्ञापन
विज्ञापन


नियमित इलाज से संजय के ठीक होने की बात कही। साल भर इलाज के बावजूद लाभ नहीं होने पर डॉक्टरों ने उसे लखनऊ ले जाने की सलाह दी। इस बीच आर्थिक रूप से कमजोर होलीराम की मौत हो गई। 

कराया जाएगा निशुल्क इलाज

woman controls his son with shackle
संजय - फोटो : amar ujala

पत्नी पुष्पा देवी पर चार बेटे व दो बेटियों का बोझ आ गया। इसके बावजूद जिले के डॉक्टरों से बेटे का इलाज कराया लेकिन कोई लाभ न होते देख उसे बंद कर दिया।

पुष्पा देवी का कहना है कि संजय अक्सर गांव में जाकर लोगों को मारता-पीटता और दांत से काट लेता था। इस पर उलाहने सुनने को मिलते।

इससे तंग आकर उसे रस्सियों से बांधा तो कई बार उसने हंसिये से रस्सी काट दी। इसके चलते लोहे की जंजीर से बांधना पड़ा। पुष्पा देवी का कहना है कि बेटे के इलाज के लिए गांव व आसपास के लोगों से कई बार मदद की गुहार लगाई लेकिन किसी ने मदद नहीं की। 

‘इलाज के अभाव में युवक के जंजीर में बंधे होने की जानकारी हुई है। सुबह डाक्टरों की टीम गांव भेजकर युवक की बीमारी की जांच करवाएंगे। उच्चाधिकारियों से वार्ता कर युवक को इलाज के लिए पीजीआई, लखनऊ भेजा जाएगा। निशुल्क इलाज कराया जाएगा।’
डॉ. डीआर सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed