कलेजे के टुकड़े को जंजीर से बांधकर रखती है एक मां, जानें वजह
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आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के पास बेटे की मानसिक बीमारी का इलाज लखनऊ में कराने को पैसे नहीं थे। स्थानीय इलाज से वह ठीक नहीं हुआ। उम्र बढ़ने के साथ वह गांव के लोगों को मारने-पीटने और दांत से काटने लगा।
इसके उलाहनों से परिवार परेशान हो गया। मजबूरी में मां व अन्य परिवारीजनों ने 19 साल के युवक को जंजीर से जकड़ दिया। बीमार युवक की जिंदगी जंजीर में जकड़े हुए गुजर रही है।
महसी में बाढ़ प्रभावित इलाके के फत्तेपुरवा गांव निवासी होलीराम का परिवार मेहनत मजदूरी करता है। होलीराम के मंझला बेटा संजय करीब 19 वर्ष का है।
कई वर्ष पूर्व उसके मानसिक रोगी होने का परिवारीजनों का पता चला था। होलीराम ने बेटे को डॉक्टरों को दिखाया। डॉक्टरों ने उसके मानसिक बीमारी की बात बताई।
नियमित इलाज से संजय के ठीक होने की बात कही। साल भर इलाज के बावजूद लाभ नहीं होने पर डॉक्टरों ने उसे लखनऊ ले जाने की सलाह दी। इस बीच आर्थिक रूप से कमजोर होलीराम की मौत हो गई।
कराया जाएगा निशुल्क इलाज
पत्नी पुष्पा देवी पर चार बेटे व दो बेटियों का बोझ आ गया। इसके बावजूद जिले के डॉक्टरों से बेटे का इलाज कराया लेकिन कोई लाभ न होते देख उसे बंद कर दिया।
पुष्पा देवी का कहना है कि संजय अक्सर गांव में जाकर लोगों को मारता-पीटता और दांत से काट लेता था। इस पर उलाहने सुनने को मिलते।
इससे तंग आकर उसे रस्सियों से बांधा तो कई बार उसने हंसिये से रस्सी काट दी। इसके चलते लोहे की जंजीर से बांधना पड़ा। पुष्पा देवी का कहना है कि बेटे के इलाज के लिए गांव व आसपास के लोगों से कई बार मदद की गुहार लगाई लेकिन किसी ने मदद नहीं की।
‘इलाज के अभाव में युवक के जंजीर में बंधे होने की जानकारी हुई है। सुबह डाक्टरों की टीम गांव भेजकर युवक की बीमारी की जांच करवाएंगे। उच्चाधिकारियों से वार्ता कर युवक को इलाज के लिए पीजीआई, लखनऊ भेजा जाएगा। निशुल्क इलाज कराया जाएगा।’
डॉ. डीआर सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी