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कमरे में मां के साथ सो रहे मासूम को उठा ले गया भेड़िया
Tue, 12 Feb 2019 12:14 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 12 Feb 2019 12:14 AM IST
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मासूम को उठा ले गया भेड़िया
- फोटो : बदायूं/उत्ततर प्रदेश्ा
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सीतापुर के रेउसा में घर के अंदर मां के पास सो रहे एक मासूम बच्चे को जंगली जानवर उठा ले गया। एक ही चारपाई पर लेटी बच्चे की मां को इसकी भनक तक नहीं लगी। बाहर सो रहे पिता की आंख खुलने पर जब उसने बच्चा लापता देखा तब परिवार में हड़कम्प मच गया।
घर से लेकर खेतों तक किसी जंगली जानवर के पगचिन्ह पाए गए हैं। चीख-पुकार सुनकर जमा हुए ग्रामीणों के काफी तलाश के बाद भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। खबर पाकर पहुंची पुलिस ने कॉम्बिंग की, मगर कुछ हाथ नहीं लगा। वन विभाग ने पगचिन्हों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
बिसवां के रेंजर रामानंद अवस्थी ने बताया कि पैरों के निशान देखकर जंगली जानवर भेड़िया होने की संभावना अधिक लग रही है। पगचिन्ह के फोटो व अन्य ब्यौरे की जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी कि हमलावर कौन सा जानवर है। वनकर्मियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से भी सतर्क रहने को कहा गया है।
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फिलहाल पैरों के निशान देखने से भेड़िया होने का अनुमान वन विभाग के अफसर लगा रहे हैं। हादसे के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। थानाक्षेत्र के भरथा गांव में रहने वाला कुन्नू रविवार की रात घर के दरवाजे पर चारपाई पर लेटा था, जबकि उसकी पत्नी फूलमती अपने 20 दिन के बच्चे को लेकर कमरे में दूसरी चारपाई पर सो रही थी।
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घर से लेकर खेतों तक किसी जंगली जानवर के पगचिन्ह पाए गए हैं। चीख-पुकार सुनकर जमा हुए ग्रामीणों के काफी तलाश के बाद भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। खबर पाकर पहुंची पुलिस ने कॉम्बिंग की, मगर कुछ हाथ नहीं लगा। वन विभाग ने पगचिन्हों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
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बिसवां के रेंजर रामानंद अवस्थी ने बताया कि पैरों के निशान देखकर जंगली जानवर भेड़िया होने की संभावना अधिक लग रही है। पगचिन्ह के फोटो व अन्य ब्यौरे की जांच के बाद ही पुष्टि हो सकेगी कि हमलावर कौन सा जानवर है। वनकर्मियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से भी सतर्क रहने को कहा गया है।
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फिलहाल पैरों के निशान देखने से भेड़िया होने का अनुमान वन विभाग के अफसर लगा रहे हैं। हादसे के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। थानाक्षेत्र के भरथा गांव में रहने वाला कुन्नू रविवार की रात घर के दरवाजे पर चारपाई पर लेटा था, जबकि उसकी पत्नी फूलमती अपने 20 दिन के बच्चे को लेकर कमरे में दूसरी चारपाई पर सो रही थी।
रात के किसी पहर फूलमती लघुशंका के लिए बाहर निकली इसके बाद कमरे का दरवाजा बंद करना भूल गई। बताते हैं, कि इसी बीच कोई जंगली जानवर नवजात को उठा ले गया। सोमवार की भोर करीब साढ़े तीन बजे कुन्नू की आंख खुलने पर उसने अंदर देखा तो चारपाई से बच्चा गायब था। यह देख उसकी नींद उड़ गई और पत्नी को जगाकर बच्चे के बारे में पूछा।
बच्चे को चारपाई से नदारद देख ऊषा भी भौंचक्की रह गई। चीख-पुकार सुनकर आसपड़ोस के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। इसी बीच घर के दरवाजे से लेकर खेतों की तरफ किसी जंगली जानवर के पगचिन्ह नजर आए।
इसे देख ग्रामीणों को समझते देर नहीं लगी कि बच्चा जंगली जानवर उठा ले गया। इसके बाद पुलिस को सूचना देते हुए ग्रामीणों ने खेतों में तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ काफी देर तक कॉम्बिंग की लेकिन बच्चे अथवा जंगली जानवर का कोई सुराग नहीं मिला।
सोमवार की सुबह वनरक्षक लल्लन सिंह ने पहुंचकर जंगली जानवर के पैरों के निशान देखे और नमूना लेकर जांच के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया। ग्रामीणों के मुताबिक दस दिन पहले गांव के सिद्दीक की बकरी को भी जंगली जानवर निवाला बना चुका है।
बच्चे को चारपाई से नदारद देख ऊषा भी भौंचक्की रह गई। चीख-पुकार सुनकर आसपड़ोस के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। इसी बीच घर के दरवाजे से लेकर खेतों की तरफ किसी जंगली जानवर के पगचिन्ह नजर आए।
इसे देख ग्रामीणों को समझते देर नहीं लगी कि बच्चा जंगली जानवर उठा ले गया। इसके बाद पुलिस को सूचना देते हुए ग्रामीणों ने खेतों में तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ काफी देर तक कॉम्बिंग की लेकिन बच्चे अथवा जंगली जानवर का कोई सुराग नहीं मिला।
सोमवार की सुबह वनरक्षक लल्लन सिंह ने पहुंचकर जंगली जानवर के पैरों के निशान देखे और नमूना लेकर जांच के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया। ग्रामीणों के मुताबिक दस दिन पहले गांव के सिद्दीक की बकरी को भी जंगली जानवर निवाला बना चुका है।