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मां की गोद से दुधमुंही को दबोच ले गया भेड़िया, नहीं मिला कोई सुराग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 10 Sep 2018 12:45 PM IST
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भेड़िए के खौफ से छत पर बंधी बकरी
- फोटो : अमर उजाला
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सीतापुर के सदरपुर थाना इलाके के बसुदहा गांव में शुक्रवार शाम घर के बाहर बैठी एक महिला की गोद से उसकी तीन माह की बच्ची को भेड़िया दबोच ले गया। काफी तलाश के बाद भी बच्ची का कुछ पता नहीं चल सका है।
ग्रामीणों की मानें तो दो भेड़िये बीते 15 दिनों में इस गांव में कई मवेशियों को शिकार बना चुके हैं। गांव के ईश्वरदीन की पत्नी जशोदा अपनी बच्ची सुनीता को लेकर घर के बाहर बैठी थीं। इसी बीच, अचानक भेड़िये ने हमला कर दिया।
जशोदा कुछ भी समझ व कर पाती इससे पहले ही भेड़िया उसकी गोद से बच्ची को झपटकर खेतों की तरफ भाग गया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने काफी देर तक खेतों में ढूंढा, लेकिन बच्चों का कुछ पता नहीं चल सका है।
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वन विभाग बिसवां क्षेत्र के रेंजर रामानंद अवस्थी ने बताया कि भेड़िये के हमले की सूचना मिली है। टीम भेजकर कॉबिंग शुरू कर दी गई है। एसडीएम शशिभूषण राय का कहना है कि जानकारी नहीं है। जांच होगी।
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ग्रामीणों की मानें तो दो भेड़िये बीते 15 दिनों में इस गांव में कई मवेशियों को शिकार बना चुके हैं। गांव के ईश्वरदीन की पत्नी जशोदा अपनी बच्ची सुनीता को लेकर घर के बाहर बैठी थीं। इसी बीच, अचानक भेड़िये ने हमला कर दिया।
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जशोदा कुछ भी समझ व कर पाती इससे पहले ही भेड़िया उसकी गोद से बच्ची को झपटकर खेतों की तरफ भाग गया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने काफी देर तक खेतों में ढूंढा, लेकिन बच्चों का कुछ पता नहीं चल सका है।
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वन विभाग बिसवां क्षेत्र के रेंजर रामानंद अवस्थी ने बताया कि भेड़िये के हमले की सूचना मिली है। टीम भेजकर कॉबिंग शुरू कर दी गई है। एसडीएम शशिभूषण राय का कहना है कि जानकारी नहीं है। जांच होगी।
भाई की आंख तो बहन का चेहरा भी नोंच चुके हैं भेडिए
भेड़िए के हमले से घायल बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
भेड़िये के आतंक से बसुदहा गांव का जर्रा-जर्रा थर्रा रहा है। हर आहट पर ग्रामीण बुरी तरह कांप उठते हैं। मां की गोद से दुधमुंही को झपट ले जाने की घटना इकलौती नहीं है।
इससे पहले ईश्वरदीन का मासूम बेटा अपनी एक आंख गंवा चुका है। उसकी बड़ी बहन चांदनी पर भी भेड़िया हमला कर चुका है। दरअसल बसुदहा गांव किवानी नदी के किनारे बसा है।
गांव के बाहर जंगल भी है इसलिए जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। गांव के पुत्तीलाल व संतोष बताते है कि भेड़ियों के आतंक की शुरुआत करीब सात महीने पहले हुई थी। इस दौरान भेड़िया यहां से कई बकरियां उठा ले गया था। ईश्वरदीन की बेटी चांदनी (7) पर भी हमला किया था।
इससे पहले ईश्वरदीन का मासूम बेटा अपनी एक आंख गंवा चुका है। उसकी बड़ी बहन चांदनी पर भी भेड़िया हमला कर चुका है। दरअसल बसुदहा गांव किवानी नदी के किनारे बसा है।
गांव के बाहर जंगल भी है इसलिए जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। गांव के पुत्तीलाल व संतोष बताते है कि भेड़ियों के आतंक की शुरुआत करीब सात महीने पहले हुई थी। इस दौरान भेड़िया यहां से कई बकरियां उठा ले गया था। ईश्वरदीन की बेटी चांदनी (7) पर भी हमला किया था।