मुलायम गए अमर के घर, घंटे भर बाद साथ लेकर आए
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की इफ्तारी ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के पुराने भरोसेमंद अमर सिंह के साथ लंबे समय से चले आ रहे सियासी रोजे को भी तोड़ दिया। इस मौके पर मुलायम और अमर का जिस तरह से मिलन हुआ, उससे कोई न कोई गुल खिलना तय माना जा रहा है।
मुलायम के मन में अमर के दूर जाने की टीस है, तो अमर भी सपा से बाहर जाने के बाद सियासी वनवास झेल रहे हैं। अब दोनों फिर एक-दूसरे के नजदीक आने की दहलीज पर हैं। पटकथा लिखी जा चुकी है। इंतजार बस उस वक्त का है, जब अमर सपा के साथ फिर से सियासी पारी शुरू करेंगे।
मंगलवार को अमर सिंह राजधानी पहुंचे तो मुलायम और अखिलेश की उनसे बढ़ती नजदीकियों के चर्चे भी आम हो गए। दोपहर में अखिलेश ने अमर से भेंट कर इफ्तार पार्टी में शामिल होने का न्यौता दिया तो शाम होते-होते सपा सुप्रीमो मुलायम भी पुराने सहयोगी से मिलने उनके गोमतीनगर आवास पहुंच गए।
दोनों गले मिले। एक घंटे से ज्यादा समय तक गुफ्तगू हुई। इसके बाद अमर को साथ लेकर मुलायम सिंह सीएम की इफ्तार पार्टी में पहुंच गए। इस इफ्तार पार्टी में उन्हें वही अहमियत दी गई जो किसी खास मेहमान की होती है।
मुलायम और अमर के बीच गुफ्तगू का सिलसिला यहां भी जारी रहा। दोनों जिस आत्मीयता से बातचीत कर रहे थे, पार्टी में मौजूद लोगों को यह पता चल ही गया कि अब नेताजी अमर सिंह को ज्यादा समय तक अपने से दूर रखने वाले नहीं है।
सपा में लौटने की अटकलें तेज
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और पुराने सपाई अमर सिंह के बीच मंगलवार को इफ्तार पार्टी में जिस तरह नजदीकियां दिखीं, उससे अमर के पार्टी में लौटने की अटकलें फिर तेज हो गईं।
जानकारों का कहना है कि अमर सिंह की पार्टी में वापसी की पृष्ठभूमि तैयार हो गई है। बस उपयुक्त समय का इंतजार है। चर्चा तो यह भी है कि मुलायम-अमर की इस भेंट के बाद जयाप्रदा का नाम विधान परिषद में नामित किए जाने वाले सदस्यों की सूची में शामिल किया जा रहा है।
किसी जमाने में सपा के सबसे ताकतवर नेता माने जाने वाले पूर्व सांसद अमर सिंह के पार्टी से बाहर जाने के बाद भी मुलायम और उनके बीच मुलाकातों का सिलसिला कायम रहा। मुलायम कई बार सार्वजनिक रूप से भी अमर सिंह की तारीफ कर चुके हैं।
अखिलेश व शिवपाल से भी अमर के मधुर रिश्ते हैं। प्रो. राम गोपाल यादव और मो. आजम खां की खिलाफत के चलते सपा में उनकी वापसी नहीं हो पा रही है। इन्हीं के चलते अमर को सपा से बाहर भी होना पड़ा था। पिछले कुछ समय से एक बार फिर सपा में अमर सिंह की वापसी के कयास लगाए जा रहे हैं।
जयाप्रदा भी बन सकती हैं एमएलसी
मुलायम-अमर की मुलाकात के बाद जयाप्रदा के एमएलसी नामित किए जाने के कयास लगाए जाने लगे हैं। विधान परिषद की नौ सीटों पर नामित करने के लिए बीते दिनों सरकार ने राज्यपाल को नामों की सूची भेजी थी। सूची तैयार कराए जाने के दौरान भी जयाप्रदा का नाम चर्चा में आया था।
अब जब राज्यपाल ने सरकार की ओर से भेजी गई सूची के पांच नाम वापस कर दिए हैं तो जयाप्रदा की संभावनाएं बढ़ गई हैं। पार्टी के सूत्रों की मानें तो मुलायम व अमर के बीच इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई है और अगर राज्यपाल द्वारा लौटाई गई पांच नामों की सूची में संशोधन किया जाता है, तो इसमें जयाप्रदा का नाम शामिल हो सकता है।
लेकिन इस मामले में खास बात यह रही कि अमर सिंह के आने की वजह से सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां ने इस कार्यक्रम से खुद को किनारे कर लिया।