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अनामिका प्रकरण: एक और नया रोचक खुलासा, यहां अविवाहित के नाम पर नौकरी कर रही थी विधवा
Wed, 10 Jun 2020 09:41 AM IST
शाहरुख खान
अश्विनी मिश्र, अमर उजाला, अंबेडकरनगर
अश्विनी मिश्र, अमर उजाला, अंबेडकरनगर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 10 Jun 2020 09:41 AM IST
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अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी करने वाली महिला
- फोटो : अमर उजाला
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अनामिका शुक्ला के बारे में एक और रोचक तथ्य सामने आया है। अंबेडकरनगर में रामनगर केजीबीवी में अविवाहित अनामिका के नाम से नौकरी करने वाली महिला विधवा थी। अपने चार वर्ष के पुत्र के साथ वह यहां अकेले ही रहती थी। बालिका विद्यालय के बगल स्थित एक प्रतिष्ठित विद्यालय में उसने अपने पुत्र का दाखिला कराया था। मामला खुलने के साथ ही महिला मार्च माह के पहले सप्ताह से यहां से फरार है।
अनामिका शुक्ला बनकर प्रदेश के नौ जिलों में एक साथ नौकरी करने के मामले का बीते दिनों खुलासा होने के बाद से प्रदेश में हड़कंप मचा है। जांच में सामने आया है कि अनामिका शुक्ला के नाम पर अलग-अलग जिलों में कोई दूसरी महिला नौकरी कर रही थी। इसमें अंबेडकरनगर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रामनगर भी शामिल है।
छानबीन में यह बात भी समाने आई है कि पूर्णकालिक विज्ञान शिक्षिका पद के लिए तीन वर्ष पहले हुए आवेदन में अनामिका शुक्ला को अविवाहित दर्शाया गया था जबकि, यहां अनामिका शुक्ला बनकर जो महिला नौकरी कर रही थी, उसने खुद को विधवा बताया था। वह इसी के अनुरूप यहां रहती भी थी। उसके साथ चार वर्ष का एक पुत्र भी था।
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यह सब कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। दस्तावेज में अविवाहित दर्ज होने के बावजूद तीन महीने पहले महिला के पास चार वर्ष का पुत्र कैसे था। इसके साथ ही आवेदन पत्र पर अविवाहित दर्शाने वाली अनामिका को कथित रूप से विधवा के तौर पर देखने के बाद भी यदि दस्तावेजों की जांच की गई होती तो भी गड़बड़ी पकड़ी जा सकती थी। किसी ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। इसी का फायदा उठाते हुए कथित अनामिका नवंबर 2019 से फरवरी 2020 तक नौकरी करती रही।
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अनामिका शुक्ला बनकर प्रदेश के नौ जिलों में एक साथ नौकरी करने के मामले का बीते दिनों खुलासा होने के बाद से प्रदेश में हड़कंप मचा है। जांच में सामने आया है कि अनामिका शुक्ला के नाम पर अलग-अलग जिलों में कोई दूसरी महिला नौकरी कर रही थी। इसमें अंबेडकरनगर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रामनगर भी शामिल है।
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छानबीन में यह बात भी समाने आई है कि पूर्णकालिक विज्ञान शिक्षिका पद के लिए तीन वर्ष पहले हुए आवेदन में अनामिका शुक्ला को अविवाहित दर्शाया गया था जबकि, यहां अनामिका शुक्ला बनकर जो महिला नौकरी कर रही थी, उसने खुद को विधवा बताया था। वह इसी के अनुरूप यहां रहती भी थी। उसके साथ चार वर्ष का एक पुत्र भी था।
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यह सब कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। दस्तावेज में अविवाहित दर्ज होने के बावजूद तीन महीने पहले महिला के पास चार वर्ष का पुत्र कैसे था। इसके साथ ही आवेदन पत्र पर अविवाहित दर्शाने वाली अनामिका को कथित रूप से विधवा के तौर पर देखने के बाद भी यदि दस्तावेजों की जांच की गई होती तो भी गड़बड़ी पकड़ी जा सकती थी। किसी ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। इसी का फायदा उठाते हुए कथित अनामिका नवंबर 2019 से फरवरी 2020 तक नौकरी करती रही।
बताया था हादसे में हुई पति की मौत
जो महिला कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नौकरी कर रही थी, उसने वार्डेन व अन्य को बताया था कि उसके पति की कुछ दिन पहले ही एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। महिला ने सबको बताया कि उसके पति के एक दोस्त ने उसे यहां नौकरी दिलाई थी। स्कूल में महिला ने अपने पति का नाम कप्तान शुक्ला बताया था, जबकि अन्य जिलों में नौकरी के लिए दिए गए दस्तावेजों में अलग-अलग नाम पते सामने आए हैं।
मसलन अयोध्या मंडल के दूसरे जिले अमेठी के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नौकरी के लिए उसने जो आवेदन किया था, उसमें अनामिका के आगे केयर ऑफ रामस्नेही लिखा था। महिला ने अपने चार वर्षीय पुत्र का नाम बगल ही स्थित जयबजरंग बाल विद्या मंदिर रामनगर में नर्सरी में बीते दिनों ही लिखवाया था। वहां उसने अपने पति का नाम स्व. कप्तान शुक्ला बताया था। स्कूल में भी जानकारी दी थी कि हादसे में उसके पति का निधन हो गया है।
दो मोबाइल नंबर कराए थे दर्ज
अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली महिला ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में वार्डेन व अन्य को मोबाइल नंबर 7668687822 दिया था। जय बजरंग विद्यालय में इस फोन नंबर के साथ ही एक और नंबर 9756987640 भी दिया था। इस समय इस नंबर पर कॉल नहीं जा रही। अब यह दोनों नंबर पुलिस के रडार पर हैं।
मसलन अयोध्या मंडल के दूसरे जिले अमेठी के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नौकरी के लिए उसने जो आवेदन किया था, उसमें अनामिका के आगे केयर ऑफ रामस्नेही लिखा था। महिला ने अपने चार वर्षीय पुत्र का नाम बगल ही स्थित जयबजरंग बाल विद्या मंदिर रामनगर में नर्सरी में बीते दिनों ही लिखवाया था। वहां उसने अपने पति का नाम स्व. कप्तान शुक्ला बताया था। स्कूल में भी जानकारी दी थी कि हादसे में उसके पति का निधन हो गया है।
दो मोबाइल नंबर कराए थे दर्ज
अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली महिला ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में वार्डेन व अन्य को मोबाइल नंबर 7668687822 दिया था। जय बजरंग विद्यालय में इस फोन नंबर के साथ ही एक और नंबर 9756987640 भी दिया था। इस समय इस नंबर पर कॉल नहीं जा रही। अब यह दोनों नंबर पुलिस के रडार पर हैं।