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इनके जहरीले बयान दिलाते हैं बड़ा सियासी लाभ, ऐसे ही नहीं मेहरबानियां!

Thu, 14 Jul 2016 02:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 14 Jul 2016 02:02 AM IST
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why parties back leaders who gives fiery statement.
अपने जहरीले बयानों से खास चर्चित रहते हैं ये नेता - फोटो : amar ujala

विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल फायर ब्रांड नेताओं को आगे करने में जुट गए हैं। इसकी वजह भी है। उनके बयान चुनावी माहौल और एजेंडा बदलने, असली मुद्दों को पीछे छोड़कर तात्कालिक लाभ दिलाने में मददगार साबित होते रहे हैं।

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जहरीली भाषा बोलने वालों में मंत्री, पूर्व मंत्री, सांसद और विधायक सभी शामिल हैं। सियासी पार्टियां उनके बयानों से चुनावी बढ़त बनाने की कोशिशों में जुटी हैं।
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भड़काऊ भाषणबाजी करने वालों में भाजपा, सपा और कांग्रेस समेत सभी दलों के नेता शामिल हैं। बसपा में बोलने की ज्यादा आजादी नहीं है फिर भी कुछ नेताओं का बड़बोलापन सामने आ ही जाता है। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, तीखी बयानबाजी बढ़ने लगती है।
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सस्ती लोकप्रियता और तालियां बटोरने वाले उनके बयान कई मौके पर माहौल बिगाड़ने के लिए आग में घी का काम करते रहे हैं। भड़काऊ बयान देने में भाजपा और सपा नेता अव्वल रहे हैं लेकिन पीछे कांग्रेस भी नहीं है।

भाजपा में जहरीले शब्दों से वार करने वालों की लंबी फेहरिस्त है। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे से शुरू हुआ तीखी बयानबाजी का उनका सिलसिला गाहे-बगाहे सामने आता रहता है। दादरी, कैराना और मथुरा के मुद्दे हों या सांप्रदायिक तनाव से जुड़े अन्य मसले, भाजपा नेताओं ने खूब भड़काऊ बयानबाजी की। भाजपा में ऐसे नेताओं को तरजीह मिली हुई है।

2014 के चुनाव में बयानों से मिली एजेंडा बदलने में मदद

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अमित शाह - फोटो : amar ujala

2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा नेताओं के कई बयानों से चुनावी एजेंडा बदलने में मदद मिली। मुजफ्फरनगर दंगे में भड़काऊ भाषणों की मुख्य भूमिका किसी से छिपी नहीं है।

खुद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह प्रदेश में चुनौतीपूर्ण भाषा बोलते रहे हैं। लोकसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर में उनके कुछ भाषण को आपत्तिजनक मानते हुए उनके चुनाव प्रचार करने पर रोक भी लगाई गई थी।

सरधना (मेरठ) के विधायक संगीत सोम, सांसद साक्षी महाराज, केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन हों या सांसद महंत आदित्यनाथ, उनकी पहचान विवादित बयानों से होने लगी है। साध्वी का एक आपत्तिजनक बयान इतना विवादित हुआ कि उन्हें माफी मांगनी पड़ी।

मंत्री व सपा महासचिव आजम खां के बड़बोले और भड़काऊ बयान अक्सर सामने आते रहते हैं। कांग्रेस ने मंगलवार को ही राज बब्बर को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। वह भी कई मौकों पर तीखी बयानबाजी करते रहे हैं।

लोकसभा चुनाव से पहले सहारनपुर में नरेंद्र मोदी की बोटी-बोटी कर देने वाला बयान देकर सुर्खियों में आए पूर्व विधायक इमरान मसूद प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। इस बयान के लिए उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था।

यहां देखें, किसने कब क्या कहा था...

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राज बब्बर यूपी कांग्रेस के नए अध्यक्ष

राज बब्बर:
- हमारे पीएम मोदी का सीना नहीं, पेट है 56 इंच का।

- मोदी पाक में मिठाई खाते हैं और पठानकोट में आतंकवादी तांडव करते हैं।

- इस समय केंद्र में एक बेहद बुरा आदमी, बेहद बुरी सरकार चला रहा है।

इमरान मसूद:
हम गुजरात के कातिल से डरने वाले नहीं हैं। ....मोदी में इतनी हिम्मत है तो सहारनपुर में करके दिखाएं, ...बोटी-बोटी कर देंगे।
(2014 के लोकसभा चुनाव में)

राम शंकर कठेरिया:
- प्रशासन ये न समझे कि मंत्री बनने से मेरे हाथ बंध गए हैं। मैं भी कभी लाठी-डंडा लेकर चलता था। हिंदू समुदाय के खिलाफ  साजिश पर अलर्ट रहना होगा, खुद को मजबूत करना होगा। (मार्च 2016 को आगरा में)

बाबू लाल: सांसद आगरा
-अगर मुस्लिमों के दिमाग में कुछ है तो फिर एक रेखा खींचिए और फिर आप हिंदू समुदाय की ताकत देखेंगे। (मार्च 2016 को आगरा में)

'होटल के मेन्यू में बीफ दिखे तो उसे तो‌ड़ दिया जाए'

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आजम खान - फोटो : PTI

आजम खां:
- गोभक्त आज के बाद किसी भी होटल के मेन्यू में बीफ की कीमत न लिखने दें। अगर ऐसा होता है तो सभी पांच सितारा होटलों को तोड़ दिया जाए, जैसे बाबरी मस्जिद को तोड़ा गया था। (बिसाहड़ा में अधेड़ की हत्या पर)

- कारगिल की पहाड़ियों पर फतह करने वाले सेना के जवान हिंदू नहीं, मुस्लिम थे।

- कुत्ते के बच्चे के बड़े भाई हमें तुम्हारा गम नहीं चाहिए। (मोदी के बयान पर पलटवार)

- 302 का अपराधी गुंडा नंबर-1 यूपी में दहशत फैलाने आया है। ......क्या ऐसे अपराधी को भारत रत्न दिलवा दूं ? (2014 के लोकसभा चुनाव में अमित शाह पर)

- पहले योगी जी (आदित्यनाथ) शादी करें। अपना मर्द होना साबित करें। जब किसी से शादी करेंगे और मर्द होना साबित करेंगे तो मोहब्बत भी करने लगेंगे। मोहब्बत करेंगे तो नतीजा भी आएगा और नस्ल भी बढ़ेगी।

- बालियान को बोलने से पहले सोचना चाहिए कि यही जुबान लड्डू खिलाती है तो चप्पल भी खिला सकती है। (संजीव बालियान पर पलटवार)

महंत आदित्यनाथ ने किया शाहरुख पर हमला

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-शाहरुख खान को याद रखना चाहिए, समाज में बड़ी संख्या में लोग उनकी फिल्म का बहिष्कार करेंगे। वे हाफिज सईद की तरह आतंकी भाषा बोल रहे हैं।

-यदि एक हिंदू महिला का जबरन धर्मांतरण किया जाता है तो हिंदू युवकों को 100 मुस्लिम महिलाओं से शादी करनी चाहिए। वे हिंदू लड़की ले जाएंगे तो हम सौ मुस्लिम लड़कियां लाएंगे। (लव जेहाद पर)

- वेस्ट यूपी में ढाई साल में 450 सांप्रदायिक दंगे हुए हैं क्योंकि समाजवादी सरकार एक वर्ग विशेष का तुष्टिकरण कर रही है।
(नोएडा की सभा में)

सुरेश राणा:
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मां का दूध पिया है तो डीजे बंद करके दिखाएं (कांवड़ यात्रा के दौरान, अगस्त 2015)

संगीत सोम:
जिस प्रकार मुजफ्फरनगर दंगों के आरोपियों को विमान से ले गए थे, उसी प्रकार गोवध करने वालों को भी विमान से ले गए हैं, यह अन्याय सहन नहीं किया जाएगा। (अक्तूबर 2015 में दादरी के बिसाहड़ा कांड पर)

साक्षी महाराज ने आजम खां को कहा देश का सबसे बड़ा आतंकी

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साक्षी महाराज

हां, मैं कह रहा हूं कि आजम खां देश के सबसे बड़े आतंकवादी हैं। (बागपत में)

याकूब कुरैशी : पूर्व मंत्री, बसपा नेता
धर्म और पैगंबर की शान से छेड़छाड़ करना किसी भी सूरत में माफी के काबिल नहीं है। डेनमार्क के कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने वालों को 51 करोड़ इनाम दिया जाएगा। (2006 में मेरठ में)

स्वामी प्रसाद मौर्य:
-शादी-ब्याह में गौरी-गणेश की पूजा ना करें। यह मनुवादी व्यवस्था में दलितों तथा पिछड़ों को गुमराह करने का तरीका है। (राजधानी लखनऊ में बसपा के एक कार्यक्रम में)

-मनुवादी सुअर को वाराह भगवान कहकर सम्मान दे सकते हैं, उल्लू को लक्ष्मी और चूहे को गणेश की सवारी कहकर पूज सकते हैं लेकिन शूद्र को सम्मान नहीं दे सकते। (सदन में)

बेनी प्रसाद वर्मा:
नरेन्द्र मोदी ने 18 साल की उम्र में एक मर्डर किया और घर से भाग गए। मोदी के खिलाफ गुजरात में कई थानों में केस दर्ज हुए थे।

वरुण गांधी:
यदि कोई हिंदुओं की तरफ अंगुली उठाएगा तो गीता की सौगंध खाता हूं कि उसका हाथ काट दूंगा।(पीलीभीत की सभा में)

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