{"_id":"691bf79579033b09fb085225","slug":"who-is-the-mutawalli-of-70-000-waqfs-in-up-it-is-not-known-2025-11-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP:यूपी के 70 हजार वक्फ के मुतवल्ली कौन...पता नहीं, वक्फ बोर्ड में दर्ज होने के बाद 37 साल से नहीं किया संपर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP:यूपी के 70 हजार वक्फ के मुतवल्ली कौन...पता नहीं, वक्फ बोर्ड में दर्ज होने के बाद 37 साल से नहीं किया संपर्क
Tue, 18 Nov 2025 01:30 PM IST
ishwar ashish
मोहम्मद इरफान, अमर उजाला, लखनऊ
मोहम्मद इरफान, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 18 Nov 2025 01:30 PM IST
सार
वक्फ संपत्तियों का सर्वे कराने के लिए नवंबर 1976 में शासनादेश जारी किया गया और वर्ष 1977 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने सर्वे वक्फ कमिश्नर विभाग का गठन कर वर्ष 1977 से 1988 के बीच वक्फ संपत्तियों का सर्वे कराया। यहां देखें, पूरी डिटेल:
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के करीब 70 हजार वक्फ के मुतवल्ली कौन हैं? वर्तमान में जिंदा हैं या नहीं, इसकी जानकारी वक्फ बोर्ड के पास नहीं है। बोर्ड के रिकार्ड में करीब 37 साल पहले दर्ज होने के बाद से अधिकांश मुतवल्ली संपर्क में नहीं हैं। तमाम जिलों में 11 साल तक चले सर्वे के बाद वर्ष 1988 में गजट में इन अवकाफ को दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
प्रदेश में वक्फ संपत्तियों का सर्वे कराने के लिए नवंबर 1976 में शासनादेश जारी किया गया और वर्ष 1977 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने सर्वे वक्फ कमिश्नर विभाग का गठन कर वर्ष 1977 से 1988 के बीच वक्फ संपत्तियों का सर्वे कराया। गजट नोटिफिकेशन के बाद बोर्ड के दफा 37 रजिस्टर में एक लाख 11 हजार 418 संपत्तियां दर्ज की गई थीं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूपी: एनआईए ने खंगाले शाहीन और परवेज के दस्तावेज, 50 करीबियों से पूछताछ जारी; अयोध्या जाएगी टीम
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - ध्वजारोहण समारोह में बदली रहेगी यूपी पुलिस की पोशाक, सूट-बूट में नजर आएंगे जवान; तैयार हुईं विशेष ड्रेस
सर्वे वक्फ विभाग ने कुछ समय बाद अपने स्तर से सर्वे कराकर कुल 1,33785 अवकाफ दर्ज किए थे। वर्तमान में उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में करीब 1 लाख 26 हजार और उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड में करीब 7 हजार 785 संपत्तियां पंजीकृत हैं। दर्ज होने के बाद से करीब 80 फीसद सुन्नी और करीब 40 फीसद शिया वक्फ के मुतवल्लियों ने बोर्ड कार्यालय से कोई संपर्क नहीं रखा।
सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी ने बताया कि उम्मीद पोर्टल पर वक्फ का पंजीकरण अनिवार्य होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती करीब 60 से 70 हजार वक्फ के मुतवल्लियों से संपर्क करने की है। इनमें ज्यादातर उन संपत्तियों के मुतवल्ली शामिल हैं जिनकी कोई आमदनी नहीं है।
उन्होंने बताया कि 37 साल पहले बने मुतवल्लियों में अधिकांश के जिंदा होने की उम्मीद भी नहीं है। समस्या के समाधान के लिए वेबसाइट पर जिलावार वक्फ की सूची और गजट की कॉपी अपलोड की गई है। शिया वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी जीशान रिजवी ने बताया कि करीब 2 से 3 हजार वक्फ के मुतवल्ली कार्यालय के संपर्क में नहीं हैं।