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बलरामपुर अस्पताल प्रशासन चर्म रोग की समस्या सफेद दाग से छुटकारा दिलाने के लिए विशेष तरह की सर्जरी शुरू कराने जा रहा है। इलाज की इस प्रक्रिया में पहले छह माह तक इलाज और थेरेपी चलेगी इसके बाद सर्जरी प्लान की जाती है।
सर्जरी के बाद एक हफ्ते से एक महीने के भीतर सफेद दाग पूरी तरह खत्म हो जाता है। फिलहाल शहर के किसी सरकारी अस्पताल में सर्जरी की सुविधा नहीं है।
अस्पताल के स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. एमएच उस्मानी ने बताया कि सफेद दाग से छुटकारा दिलाने के लिए मार्च तक विभाग में विटिलिगो सर्जरी शुरू कराई जाएगी।
डॉ. उस्मानी ने बताया कि शरीर में एंटीबॉडी बनने लगती है जिससे व्यक्ति ऑटो इम्यून डिजिज विटिलिगों (सफेद दाग) का शिकार हो जाता है। एंटी बॉडी बनने से शरीर में मौजूद मेलेनासाइट्स को मारना शुरू कर देता है।
शरीर के जिस हिस्से के मेलेनोसाइट्स मरने लगते हैं वहां की त्वचा सफेद होने लगती है। मेलेनोसाइट्स से त्वचा का रंग बनता है। उन्होंने बताया कि सफेद दाग से पीड़ित मरीजों के लिए विटिलिगो सर्जरी शुरू कराने की तैयारी है।
इस तकनीक से दूर किया जाएगा दाग को
डॉ. उस्मानी के मुताबिक सफेद दाग को खत्म करने के लिए शरीर के किसी दूसरे हिस्से से मेलेनोसाइट्स को लिया जाता है जो शरीर में रंग भरने वाली कोशिका होती है। उस कोशिका को उस सफेद दाग के पास सर्जरी से फिक्स कर दिया जाता है जिससे वहां पर मेलेनोसइट्स बनने लगता है। एक हफ्ते से लेकर एक महीने के भीतर सफेद दाग पूरी तरह खत्म हो जाता है।
शरीर के किसी हिस्से पर छोटा सफेद दाग है तो उसे मिनिएचर पंच ग्राफिटंग टेक्नीक से मेलेनोसाइट्स ट्रांसफर सर्जरी की जाती है। डॉ. उस्मानी ने बताया कि हथेली के बराबर सफेद दाग है तो सक्शन ब्लीस्टर ग्राफ्टिंग का प्रयोग किया जाता है।
इसके तहत एक आर्टिफिशियल छल्ला बनाकर उसकी बाउंड्री के आसपास पानी भरा होता है। वहां से डवलप मेलेनोसाइट्स को उठाकर जंक्शन पर प्लेस कर देते हैं। इस प्रक्रिया के बाद पीड़ित को सफेद दाग से छुटकारा मिल जाता है।
डॉ. उस्मानी ने बताया कि सर्जरी से पहले सफेद दाग से पीड़ित मरीज का कम से कम छह महीने तक इलाज किया जाता है। इससे विटिलगो सफेद दाग को स्थिर कर दिया जाता है। जब सफेद दाग का फैलना बंद हो जता है और उसके कारक शरीर में पूरी तरह निष्क्रिय हो जाते हैं तब सर्जरी की जाती है।
अगर बिना इलाज व थेरेपी के सर्जरी की जाएगी तो सफेद दाग बना रहेगा और उसके फैलने का खतरा और अधिक हो जाएगा। उन्होंने बताया कि ओपीडी में रोजाना औसतन 400 से 600 मरीज पहुंचते हैं जिसमें 30 मरीज सफेद दाग से पीड़ित होते हैं।