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यूपी: आ रहा मानसून, अभी तक क्रय केंद्रों से नहीं उठाया गया चार लाख टन गेहूं, इस बार बंपर हुई खरीद

Wed, 09 Jun 2021 11:23 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 09 Jun 2021 11:23 AM IST
सार

यूपी में गेहूं की बंपर खरीदी होने के बाद इसके भंडारण में दिक्कत आ रही है। प्रदेश में करीब 44 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की खरीदी में से चार लाख टन अभी भी क्रय केंद्रों पर ही पड़ा है।

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wheat is dumped in open areas in purchasing center in Uttar Pradesh.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

बाजार के मुकाबले सरकारी दाम काफी ज्यादा होने का ऐसा असर रहा कि क्रय केंद्रों पर गेहूं की बंपर खरीद हुई। खरीदी बंद होने में एक हफ्ते शेष है और 44 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं खरीदा जा चुका है। ज्यादा खरीदी के चलते इसके भंडारण में भी दिक्कत हो रही है। स्थिति यह है कि करीब चार लाख टन गेहूं अभी भी केंद्रों पर खुले में ही पड़ा है। इधर, मानसून भी प्रदेश में दस्तक देने को है। गेहूं का भंडारण न होने से बारिश के चलते इसके खराब होने की आशंका गहरा गई है।

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प्रदेश में खाद्य एवं रसद विभाग तथा अन्य एजेंसियों के लगभग 5678 क्रय केंद्र संचालित हैं। बाजार में 1500 के मुकाबले सरकारी केंद्रों पर समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल होने के चलते इस वर्ष रिकॉर्ड 14 लाख 38 हजार 624 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया। यह पिछले साल के 7.94 लाख से करीब दोगुना है। सरकार किसानों के खातों में लगभग सात हजार करोड़ रुपये का भुगतान भी कर चुकी है और 15 जून तक ही खरीद करने को कहा गया है।
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दस लाख से ज्यादा किसानों से खरीद
खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, एसएफसी, यूपीएसएस, मंडी परिषद, भारतीय खाद्य निगम आदि सभी के केंद्रों पर दस लाख से ज्यादा किसानों से गेहूं की खरीद हो चुकी है। अब तक 44 लाख टन से ज्यादा खरीद हो चुकी है। चिंता यह है कि इतने गेहूं को कहां रखा जाए। इन केंद्रों से सारा गेहूं एफसीआई के गोदामों में ही जा रहा है। अलग से कोई बफर जोन नहीं बनाया गया है। हालांकि भंडारण की क्षमता पर्याप्त बताई जा रही है, पर अब भी चार लाख मीट्रिक टन गेहूं केंद्रों पर ही पड़ा है। जब तक यह एफसीआई के गोदामों में नहीं पहुंचेगा, इनवाइस भी जारी नहीं होगी, जिससे किसानों के भुगतान में भी देरी होगी।

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क्रय केंद्रों पर ही पड़ा है गेहूं

गेहूं की बंपर खरीदी होने के बाद इसके भंडारण में दिक्कत आ रही है। प्रदेश में करीब 44 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की खरीदी में से चार लाख टन अभी भी क्रय केंद्रों पर ही पड़ा है। लखीमपुर में एक लाख 55 हजार टन गेहूं की खरीद अब तक हो चुकी है, जिसमें से एक लाख 46 हजार टन का उठान हुआ है।

बदायूं में एक लाख टन में से 98 टन का उठान हो चुका है। शाहजहांपुर में दो लाख 63 हजार गेहूं की खरीद हो चुकी है जिसमें से दो लाख तीस हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान हुआ है। मुरादाबाद क्षेत्र में तीन लाख 19 हजार टन खरीद में हुई है जिसमें तीन लाख 12 हजार एफसीआई को भेजा जा चुका है। सहारनपुर में 94 हजार टन गेहूं की खरीद हुई जिसमें से 88 हजार टन का उठान हो चुका है।

खाद्य एवं रसद आयुक्त मनीष चौहान का कहना है कि लगभग 45 लाख मीट्रिक टन खरीद में से 42 लाख मीट्रिक टन का उठान हो गया है। एफसीआई से हमें भुगतान भी शुरू हो गया है और लगभग 38 सौ करोड़ रुपये का पेमेंट आ गया है। जो गेहूं अभी केंद्रों पर है वह भी उठ जाएगा। उसे भीगने से बचाने के लिए व्यापक इंतजाम करने को कहा गया है।

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