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क्रय केन्द्रों पर पड़ा हजारों क्विंटल गेंहू, नहीं हो सका भण्डारण
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गोंडा। पिछले तीन माह से चल रही गेहूं खरीद के बाद क्रय केंद्रों पर हजारों क्विंटल गेहूं पड़ा है। गेहूं को सुरक्षित रखने की क्रय केंद्रों पर प्रशासन व्यवस्था नहीं करा सका है। क्रय केंद्रों पड़े गेहूं का भंडारण भी नहीं हो सका है। वहीं, मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम विशेषज्ञों ने 15 जून तक यूपी में मानसून आने को बताया है। पिछले दो दिनों से रुक-रुक बारिश हो रही है। ऐसे मेें गेहूं का भंडारण न होने से गेहूं के खराब होने की आशंका बढ़ गई।
जिले के किसानों से 74 हजार मिट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद हुई है। किसानों से खरीदे गेहूं के भंडारण में दिक्कतों का न पहले परीक्षण किया गया और न कोई तैयारी हुई। भंडारण समय से नहीं हो पा रहा है। विपणन विभाग ने लंबी कोशिश करने के बाद 92 फीसदी गेहूं को भंडारण के लिए एफसीआई को उपलब्ध करा दिया है। इसके बाद भी 8 फीसदी गेहूं अभी भी क्रय केंद्रों पर पड़ा है। वह भी कम नहीं 5920 मिट्रिक टन गेहूं पड़ा है, और लगातार बारिश हो रही है।
किसानों के मेहनत का अनाज बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गया है। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि कोई गेहूं बर्बाद नहीं होगा। अनाज को जल्द ही भंडारण करा दिया जाएगा। दूसरी ओर किसानों को चिंता सता रही है और वह मांग कर रहे हैं कि गेहूं को सुरक्षित किया जाए।
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ग्रामीण क्षेत्रों के क्रय केंद्रों पर भी डंप है गेहूं
ग्रामीण क्षेत्रों के क्रय केंद्रों में भी बड़ी मात्रा में गेहूं डंप है। इटियाथोक के गुरुवार को गेहूँ क्रय केंद्र परसिया बहोरीपुर पर गेहूं की खरीद जारी रही। इस केंद्र पर 153 किसानों से 656.9 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। यहां एक 12 बोरे गेहूं से भरे पॉलिथीन से ढककर बाहर रखे गए थे। इस बारे में गोदाम प्रभारी प्रदीप मिश्रा ने बताया कि गोदाम में पर्याप्त जगह है। बारिश शुरू होते ही गेहूं के बोरे को गोदाम में रख दिया जाएगा। इसके अलावा बारदाना भी उपलब्ध है। साधन सहकारी समिति लिमिटेड जानकीनगर में इस बार गेहूं खरीद केंद्र नहीं खोला गया।
गेहूं खरीद के बाद अनाज को सुरक्षित किए जाने के प्रबंध किए गए हैं। एफसीआई को 92 फीसदी गेहूं दे दिया गया है। अवशेष गेहूं भी जल्द ही भेज दिया जाएगा।
प्रज्ञा मिश्रा, डिप्टी आरएमओ
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जिले के किसानों से 74 हजार मिट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद हुई है। किसानों से खरीदे गेहूं के भंडारण में दिक्कतों का न पहले परीक्षण किया गया और न कोई तैयारी हुई। भंडारण समय से नहीं हो पा रहा है। विपणन विभाग ने लंबी कोशिश करने के बाद 92 फीसदी गेहूं को भंडारण के लिए एफसीआई को उपलब्ध करा दिया है। इसके बाद भी 8 फीसदी गेहूं अभी भी क्रय केंद्रों पर पड़ा है। वह भी कम नहीं 5920 मिट्रिक टन गेहूं पड़ा है, और लगातार बारिश हो रही है।
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किसानों के मेहनत का अनाज बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गया है। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि कोई गेहूं बर्बाद नहीं होगा। अनाज को जल्द ही भंडारण करा दिया जाएगा। दूसरी ओर किसानों को चिंता सता रही है और वह मांग कर रहे हैं कि गेहूं को सुरक्षित किया जाए।
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ग्रामीण क्षेत्रों के क्रय केंद्रों पर भी डंप है गेहूं
ग्रामीण क्षेत्रों के क्रय केंद्रों में भी बड़ी मात्रा में गेहूं डंप है। इटियाथोक के गुरुवार को गेहूँ क्रय केंद्र परसिया बहोरीपुर पर गेहूं की खरीद जारी रही। इस केंद्र पर 153 किसानों से 656.9 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। यहां एक 12 बोरे गेहूं से भरे पॉलिथीन से ढककर बाहर रखे गए थे। इस बारे में गोदाम प्रभारी प्रदीप मिश्रा ने बताया कि गोदाम में पर्याप्त जगह है। बारिश शुरू होते ही गेहूं के बोरे को गोदाम में रख दिया जाएगा। इसके अलावा बारदाना भी उपलब्ध है। साधन सहकारी समिति लिमिटेड जानकीनगर में इस बार गेहूं खरीद केंद्र नहीं खोला गया।
गेहूं खरीद के बाद अनाज को सुरक्षित किए जाने के प्रबंध किए गए हैं। एफसीआई को 92 फीसदी गेहूं दे दिया गया है। अवशेष गेहूं भी जल्द ही भेज दिया जाएगा।
प्रज्ञा मिश्रा, डिप्टी आरएमओ