'स्वागत' बना जाम की वजह: लखनऊ पहुंचे BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, जगह-जगह बने मंच...ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के अयोध्या दौरे के दौरान जगह-जगह स्वागत मंच लगने से शहर में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। प्रमुख चौराहों पर जाम लगा रहा और आम लोगों को परेशानी हुई।
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शहर में जाम का मुद्दा आम है। अफसर जाम का निदान करने के लिए नई-नई रणनीति बना रहे हैं। बावजूद इसके सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के स्वागत के लिए रैली निकाली गई। यह रैली भी पीक ऑवर में निकाली गई, जिसके कारण शहर का यातायात व्यवस्था बिगड़ गया। लोहिया पथ, समता मूलक चौराहा, पॉलीटेक्निक चौराहा, डालीबाग, बालू अड्डा और सर्वोदयनगर समेत अन्य इलाकों में वाहनों की रफ्तार थम गई।
खास बात ये है कि दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को दफ्तर खुले थे। कई दिन बाद स्कूल भी खुले। सुबह के समय भाजपा नेताओं के शक्ति प्रदर्शन ने दफ्तर के लिए निकले लोगों को परेशानी में डाल दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया। इसकी वजह से वाहनों का दबाव बढ़ गया। कमता, चिनहट तिराहा और मटियारी के आसपास भी इसका असर देखने को मिला। लोग वाहनों की लंबी कतार में खड़े नजर आए। शहीद पथ पर भी यातायात के दबाव ने राहगीरों को परेशान किया।
टेढ़ीपुलिया पर भी अव्यवस्था
स्वागत समारोह के कारण टेढ़ीपुलिया पर भी वाहन रेंगने लगे। इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा और मुंशीपुलिया पर भी राहगीरों को समस्या का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जाम में फंसे लोग उल्टी दिशा से निकलने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस ने बैरंग लौटाया। कई मार्गों पर स्कूली वाहन ओर एंबुलेंस भी फंस गए, जिन्हें पुलिसकर्मियों किसी तरह निकलवाया।
दुबगा में अतिक्रमण बनी मुसीबत
दुबग्गा सीतापुर बाईपास और कानपुर बाईपास पर सोमवार को ऑटो, टैक्सी, ई-रिक्शा, गैर जनपद की मैजिक और बसों की भरमार से यातायात व्यवस्था चरमरा गई। सड़क पर आड़ी-तिरछी गाड़ियां खड़ी कर सवारियां भरी जा रही थीं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। खास बात ये है कि ट्रैफिक पुलिस बूथ के आसपास ही अतिक्रमण से यहां आए दिन यातायात का दबाव रहता है।
रात में निकालें रैली तो न हो परेशानी
महाराष्ट्र में लोगों की सहूलियत को देखते हुए दिन में रैली या इस तरह के आयोजन नहीं किए जाते हैं। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए वहां रात के समय ही ऐसे आयोजन होते हैं। राजधानी में यातायात के दबाव को देखते हुए अगर रात में यातायात का दबाव कम होने के बाद ऐसा किया जाए तो शायद लोगों को काफी राहत मिलेगी।