'चाहे जहां से लानी पड़े, 2016 से देंगे ज्यादा बिजली'
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सरकार ने बुधवार को विधानसभा में ऐलान किया कि 2016 से सूबे के ग्रामीण क्षेत्रों में 18-20 घंटे तथा शहरी क्षेत्रों में 22-24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी, चाहे जहां से बिजली लानी पड़े।
प्रश्न प्रहर में भाजपा के सतीश महाना, मनीष असीजा, डॉ. अरुण कुमार समेत अन्य सदस्यों के एक सवाल के जवाब में ऊर्जा राज्यमंत्री यासर शाह ने बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए चल रही परियोजनाओं के बारे में बताया कि 1000 मेगावाट की अनपरा डी परियोजना की पहली इकाई 31 मार्च 2015 तथा दूसरी इकाई 31 मई को चालू होने की संभावना है।
संयुक्त क्षेत्र में स्थापित की जा रही 1320 मेगावाट की मेगा परियोजना की पहली इकाई के अगस्त 2016 तथा दूसरी इकाई के फरवरी 2017 में चलने की संभावना है। इसके अलावा उन्होंने अन्य परियोजनाओं की भी जानकारी दी।
सतीश महाना ने अनुपूरक सवाल के जरिये यह कहते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की कि 2012 में शिवपाल सिंह यादव ने 31 परियोजनाएं गिनाई थीं। इनमें से एक भी पूरी नहीं हुई।
100 करोड़ की जमानत राशि जब्त करने की मांग
यासर शाह ने कहा कि सदस्य की चिंता वाजिब है क्योंकि ‘कटियाबाज’ फिल्म उन्हीं के क्षेत्र पर आधारित है। जहां तक घाटमपुर परियोजना का सवाल है तो उसका ब्यौरा सदस्य को भिजवा दे रहे हैं। चिंता न करें, 2016 से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को ज्यादा बिजली दी जाएगी, चाहे जहां से लानी पड़े।
मनीष असीजा ने करछना बिजलीघर लगाने से इन्कार करने वाले जेपी की 100 करोड़ रुपये जमानत राशि जब्त करने तथा ओबरा की बंद इकाइयों का कोल लिंकेज हरदुआगंज की नई इकाई को हस्तांतरित करने का मुद्दा उठाया तो यासर शाह ने कहा कि सरकार इस सुझाव पर विचार करेगी।
ट्विटर पर तो नहीं ठीक कर पाएंगे बिजली
यासर शाह भाजपा की चुटकी लेने से भी नहीं चूके। बोले- हम इनकी तरह ट्विटर पर तो बिजली ठीक नहीं कर पाएंगे। प्रयास कर रहे हैं। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को मुख्यमंत्री से मिलने आना था लेकिन नहीं आए। हालांकि अखिलेश ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जल्द मुलाकात होगी।