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UP News: सीएम योगी ने दिए निर्देश, अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का होगा गठन, सीईओ होंगे ट्रांसपोर्ट कमिश्नर
Thu, 27 Jul 2023 08:59 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 27 Jul 2023 08:59 PM IST
सार
सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि यूपी में अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि जलमार्ग परिवहन की यहां अपार संभावनाएं हैं। सरकार इसका विस्तार करेगी।
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बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि यूपी में अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि जलमार्ग परिवहन की यहां अपार संभावनाएं हैं। सरकार इसका विस्तार करेगी। वह बृहस्पतिवार को अपने आवास पर उच्च स्तरीय अधिकारियों की बैठक रहे थे।
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सीएम ने प्रदेश में जलमार्गों के विकास पर विमर्श किया। कहा कि पीएम के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में जलमार्ग परिवहन का तेजी से विस्तार हो रहा है। प्रयागराज से हल्दिया तक राष्ट्रीय जलमार्ग काम कर रहा है। अंतर्देशीय जल परिवहन में यात्रियों और कार्गो दोनों के लिए परिवहन के साधन के रूप में प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। हमें इसे विस्तार देना होगा। सरकार इसके लिए पूरी तरह से तैयार है। उप्र सदानीरा नदियों का प्रदेश है। अधिकांश नदियों में हर समय पर्याप्त जल उपलब्ध रहता है। प्रदेश में जलमार्गों के सृजन विकास और उन्हें यातायात व माल ढुलाई के लिए प्रयोग में लाने के लिए ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है। अब अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का गठन किया जाना चाहिए। इसके लिए राष्ट्रीय जलमार्ग प्राधिकरण और अन्य राज्यों में प्रचलित व्यवस्था का अध्ययन कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि नदियों के कैचमेंट एरिया में अवैध खनन, बसावट कतई न हो। इसके लिए सतर्क रहें। नदियों के चैनेलाइजेशन, सिल्ट सफाई का कार्य समय से किया जाए।
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इस तरह काम करेगा
सीएम ने कहा कि यह प्राधिकरण नोडल अथॉरिटी के रूप में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के साथ समन्वय का कार्य करेगा। इसके द्वारा अंतर्देशीय जल परिवहन एवं पर्यटन संबंधित समस्त गतिविधियों का रेगुलेशन किया जाएगा। साथ ही, जल परिवहन से संबंधित पर्यावरण एवं सुरक्षा कानूनों का अनुपालन, जलमार्गों के विकास एवं बेहतर उपयोग के लिए हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण, जल यातायात डेटा का अध्ययन एवं विश्लेषण करेगा। अंतर्देशीय जल परिवहन, पर्यटन एवं शिपिंग तथा नेविगेशन संबंधित गतिविधियों के संबंध में वैज्ञानिक अनुसंधान भी किया जाए। साथ ही इससे संबंधित स्टेकहोल्डर्स, अधिकारियों, कर्मचारियों का तकनीकी प्रशिक्षण भी कराएं।
परिवहन मंत्री होंगे प्राधिकरण के पदेन अध्यक्ष
सीएम ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण में परिवहन मंत्री को पदेन अध्यक्ष के रूप में नामित करें। उपाध्यक्ष के रूप में जल परिवहन क्षेत्र में लंबा अनुभव रखने वाले विशेषज्ञ की तैनाती की जाए। परिवहन आयुक्त को सीईओ तथा वित्त, संस्कृति, सिंचाई तथा वन सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को बतौर सदस्य सम्मिलित किया जाना चाहिए।
अयोध्या की राजकुमारी जलमार्ग से ही दक्षिण कोरिया गई थी
सीएम ने कहा कि विश्व में जल परिवहन की प्राचीन परंपरा रही है। भारत भी इसमें बहुत समृद्ध रहा है। एक समय था जब अयोध्या की राजकुमारी जलमार्ग से ही दक्षिण कोरिया गई थी। बदलते समय के साथ इस सेक्टर को उपेक्षित कर दिया गया। अब इसे फिर से पुनर्जीवित किया जाएगा।