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Lucknow News: कुछ बनने के लिए भेजा था हॉस्टल, डांट पड़ी तो छात्र ने दी जान

Fri, 21 Feb 2025 02:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Fri, 21 Feb 2025 02:10 AM IST
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Was sent to hostel to get something done, when scolded the student committed suicide
अल्तमश। फाइल फोटो
मलिहाबाद। पति की मौत के बाद बस्ती के पैकोलिया मुस्लिम गांव की जैनब ने 14 साल के बेटे अल्तमश को कुछ बनने के लिए मोहान रोड स्थित सफा पब्लिक स्कूल में पढ़ने के लिए भेजा। यहां किसी बात पर डांट पड़ने से क्षुब्ध होकर किशोर ने बृहस्पतिवार को हॉस्टल के बाथरूम में रस्सी के सहारे फंदा लगा लिया। वह पांचवीं का छात्र था और हॉस्टल में करीब दो साल से रह रहा था।
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मामले में इंस्पेक्टर बैजनाथ सिंह ने बताया कि किशोर के बड़े भाई अब्दुल कुद्दूस ने स्कूल के प्रिंसिपल एंथोनी थामस व अब्दुल हफीज सहित विद्यालय के कर्मचारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश की जा रही है। छात्र के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला है।
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हॉस्टल में अल्तमश के साथ एहतिशाम, मेहताब, जमशेद, अबरार, अनस, फरदीन समेत कुल नौ बच्चे कमरे में रहते थे। बृहस्पतिवार सुबह साढ़े छह बजे जब साथी छात्र सोकर उठे तो अल्तमश नहीं मिला। छात्र नित्यक्रिया के लिए बाथरूम में गए, वहां ग्रिल से रस्सी के सहारे उसका शव लटका मिला। आननफानन सुबह सात बजे ही मैसेज कर स्कूल में छुट्टी घोषित कर दी गई।
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सूचना पर पुलिस स्कूल पहुंची और परिजनों को मामले की जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में कुछ छात्रों ने बताया है कि स्कूल की सख्ती व किसी बात पर शिकायत बड़े भाई से किए जाने से अल्तमश काफी डरा हुआ था। उसके पिता अब्दुल की मौत हो चुकी है। परिवार में माता जैनब और पांच भाई व तीन बहने हैं। अल्तमश सबसे छोटा था।

सख्ती के कारण स्कूल से भागने की करता था बात

साथ में पढ़ने वाले छात्र ने पूछताछ में बताया कि स्कूल की सख्ती से अल्तमश परेशान था। दो दिन पहले वह कुछ अन्य बच्चों के साथ स्कूल की बाउंड्री फांदकर बाहर गया था। इसके लिए प्रिंसिपल ने उसे दंडित किया था। अल्तमश और दो अन्य छात्रों के परिजनों को मामले की जानकारी देकर उन्हें बुलाया गया था। अल्तमश के बड़े भाई मुंबई से आ नहीं पाए थे। अल्तमश अक्सर स्कूल से भागने की बात कहता था। छात्रों ने यह भी बताया कि स्कूल में हिंदी में बात करने पर दंडित किया जाता है।


स्कूल प्रशासन की सफाई : निशुल्क थी किशोर की पढ़ाई
सफा पब्लिक स्कूल के मैनेजर अरशद खान ने बताया कि अल्तमश के पिता की मृत्यु हो चुकी है। इसकी वजह से स्कूल प्रबंधन यतीम बच्चों को निशुल्क शिक्षा देता है। अल्तमश की पढ़ाई और हॉस्टल में रहना खाना निशुल्क था। दो दिन पहले उसकी एक हरकत पकड़ी गई थी। अल्तमश के भाई को इसकी जानकारी दी गई थी। प्रताड़ना का आरोप निराधार है।
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