29 साल पुराने मामले में लखनऊ यूनिवर्सिटी के तत्कालीन अध्यक्ष के खिलाफ वारंट, ये था मामला
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29 साल पहले छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस पर हमला करने के मामले में तत्कालीन लविवि छात्रसंघ अध्यक्ष राकेश सिंह राना, अवधेश तिवारी एवं ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने आरोपियों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई के लिए नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए पांच फरवरी की तारीख नियत की है। मामले के अन्य आरोपी और रायबरेली के सरेनी से भाजपा विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह कोर्ट में हाजिर थे। पत्रावली के अनुसार 22 अगस्त, 1991 को हसनगंज थाने में लविवि के चौकी इंचार्ज विजय प्रताप सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया था।
गैरहाजिर रहने के चलते नहीं तय हो सका आरोप
इसमें बताया गया था कि छात्रों ने लखनऊ बंद का आह्वान किया था। गोकरन नाथ तिकोनिया पार्क चौराहे पर आरोपी अपने साथी छात्रों के साथ हाथों में तमंचा व लोहे की रॉड लिए दुकानदारों को गोली मारने की धमकी देने के साथ ही दुकानें बंद करा रहे थे।
इससे दुकानदारों व ग्राहकों में डर पैदा हो गया और भगदड़ मच गई। रास्ता भी अवरुद्ध हो गया। जब पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो अभियुक्तों ने जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। वहीं अन्य उपद्रवी छात्राें ने पत्थर से हमला किया।
इनके हमले से बचते हुए जब इनका पीछा किया गया तो छात्रावास की तरफ भाग गए। 2 नवंबर 1991 को अदालत ने इनके खिलाफ दाखिल आरोप पत्र पर संज्ञान लिया, लेकिन गैरहाजिर रहने के चलते आरोप तय नहीं हो सका है।