वारंट जारी हुआ तो कोर्ट की शरण में पहुंचे केजरी
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पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव के दौरान अमेठी में दिए गए कथित उत्तेजक भाषण को लेकर वहां दर्ज हुए मामले में वारंट जारी होने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली है।
उन्होंने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर कर केस संबंधी पूरी कार्यवाही रद्द किए जाने की गुहार लगाई है। न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल की अदालत में तीन अगस्त को इस पर सुनवाई हो सकती है।
शासकीय अधिवक्ता रिशाद मुर्तजा इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से बहस करेंगे। उनके मुताबिक यह मामला 2014 का है, जब अमेठी के औरंगाबाद गांव में ‘आप’ प्रत्याशी के पक्ष में अरविंद केजरीवाल चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे।
अधिकतम तीन साल की सजा व जुर्माने का प्रावधान
इसमें केजरीवाल ने कांग्रेस व भाजपा के खिलाफ कथित उत्तेजक ‘स्पीच’ दी थी। जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 125 के तहत उनके खिलाफ यह मामला मुसाफिरखाना थाने में दर्ज हुआ था।
इसमें अधिकतम तीन साल तक की सजा व जुर्माने का प्रावधान है।
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किया और अमेठी के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मामले का संज्ञान लिया।
मामले की सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल के पेश न होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बीती 20 जुलाई को उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था।
इसी मुकदमे की कार्यवाही को निरस्त करने के आग्रह के साथ केजरीवाल ने अधिवक्ताओं महमूद आलम और मो. रिजवान खां के जरिये हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।