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हार के बाद कांग्रेस में उठे विद्रोह के स्वर : जीशान हैदर बोले- प्रियंका के आने के बाद से 30 कद्दावर नेता छोड़ चुके हैं पार्टी
Fri, 11 Mar 2022 12:04 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 11 Mar 2022 12:04 AM IST
सार
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि तमाम पुराने नेता पर्दे के पीछे से प्रदेश कांग्रेस का नेतृत्व संभाल रहे लोगों के बारे में प्रियंका को फीडबैक देना चाहते थे, लेकिन उन्हें प्रियंका से मिलने का मौका ही नहीं मिल सका।
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प्रियंका गांधी वाड्रा।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
प्रदेश के विधानसभा चुनाव में आजादी के बाद से अब तक सबसे खराब प्रदर्शन पर प्रियंका गांधी के नेतृत्व पर ही सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस नेता जीशान हैदर का कहना है कि जब से प्रियंका यूपी की प्रभारी बनाई गई हैं, तब से 30 पूर्व सांसद और पूर्व विधायक पार्टी छोड़ चुके हैं। अपने पुराने लोगों की परवाह न करने से ही कांग्रेस इस हालत में पहुंची है।
पार्टी के इलेक्ट्रॉनिक और उर्दू मीडिया संयोजक के पद से बृहस्पतिवार को इस्तीफा देने वाले जीशान ने कांग्रेस छोड़ने वाले वरिष्ठ नेताओं की सूची सोशल मीडिया पर जारी करते हुए कहा कि जिन्होंने प्रिंयका के प्रभार संभालने के बाद कांग्रेस छोड़ी या जिनको निकाला गया, उसके लिए सबसे बड़ा जिम्मेदार जेएनयू में पढ़ा एक व्यक्ति है। उनका निशाना प्रियंका के निजी सचिव संदीप सिंह की ओर है। हालांकि, उन्होंने अपने ट्वीट में संदीप का नाम नहीं लिखा है।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि तमाम पुराने नेता पर्दे के पीछे से प्रदेश कांग्रेस का नेतृत्व संभाल रहे लोगों के बारे में प्रियंका को फीडबैक देना चाहते थे, लेकिन उन्हें प्रियंका से मिलने का मौका ही नहीं मिल सका। जिसने भी इसकी कोशिश की उन्हें पार्टी में उपेक्षा झेलनी पड़ी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने के अनुरोध के साथ बताया कि जब कांग्रेस के कुछ परंपरागत राजनीतिक परिवारों के नेता पार्टी छोड़ रहे थे, तो उन्होंने प्रियंका से इस बारे में दखल देने की बात कही। पर, उस समय वहां मौजूद जेएनयू से जुड़े रहे एक व्यक्ति ने इसका विरोध किया। उसी का नतीजा आज कांग्रेस को भुगतना पड़ रहा है। अब तो पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में हुए व्यय की जांच की मांग भी कांग्रेसजन करने लगे हैं।
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पार्टी के इलेक्ट्रॉनिक और उर्दू मीडिया संयोजक के पद से बृहस्पतिवार को इस्तीफा देने वाले जीशान ने कांग्रेस छोड़ने वाले वरिष्ठ नेताओं की सूची सोशल मीडिया पर जारी करते हुए कहा कि जिन्होंने प्रिंयका के प्रभार संभालने के बाद कांग्रेस छोड़ी या जिनको निकाला गया, उसके लिए सबसे बड़ा जिम्मेदार जेएनयू में पढ़ा एक व्यक्ति है। उनका निशाना प्रियंका के निजी सचिव संदीप सिंह की ओर है। हालांकि, उन्होंने अपने ट्वीट में संदीप का नाम नहीं लिखा है।
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कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि तमाम पुराने नेता पर्दे के पीछे से प्रदेश कांग्रेस का नेतृत्व संभाल रहे लोगों के बारे में प्रियंका को फीडबैक देना चाहते थे, लेकिन उन्हें प्रियंका से मिलने का मौका ही नहीं मिल सका। जिसने भी इसकी कोशिश की उन्हें पार्टी में उपेक्षा झेलनी पड़ी। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने के अनुरोध के साथ बताया कि जब कांग्रेस के कुछ परंपरागत राजनीतिक परिवारों के नेता पार्टी छोड़ रहे थे, तो उन्होंने प्रियंका से इस बारे में दखल देने की बात कही। पर, उस समय वहां मौजूद जेएनयू से जुड़े रहे एक व्यक्ति ने इसका विरोध किया। उसी का नतीजा आज कांग्रेस को भुगतना पड़ रहा है। अब तो पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में हुए व्यय की जांच की मांग भी कांग्रेसजन करने लगे हैं।
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