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गुमनामी बाबा का रहस्य जानने के लिए बांग्ला अनुवादक से पढ़वाए गए बक्से में पड़े लेटर
ब्यूरो/अमरउजाला, फैजाबाद
Updated Fri, 23 Jun 2017 01:53 PM IST
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जांच करते विष्णु जांच आयोग की टीम के सदस्य
- फोटो : amar ujala
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गुमनामी बाबा के रहस्य के बाबत गुरूवार को भी कुछ खास हासिल नहीं हो पाया। जस्टिस विष्णु सहाय जांच आयोग ने अयोध्या जाकर रामकथा संग्रहालय में गुमनामी बाबा का सामान देखा। मुखर्जी आयोग से वापस आई सामग्री को खंगाला।
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जांच आयोग के चेयरमैन विष्णु सहाय, सचिव दिलीप कुमार, प्रशासनिक अधिकारी सतवंत सिंह शेट्टी, अन्य स्टाफ शर्मा व प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट ज्योति सिंह, केन्द्रीय अफसर अनिल व एडीएम सिटी विन्ध्यवासिनी राय की मौजूदगी में करीब साढ़े तीन घंटे तक जांच-पड़ताल चली।
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जांच आयोग का पूरा फोकस मिले लेटरों के संबोधन पर था। इसके लिए साथ में बांग्ला पढ़ने के अनुवादक को साथ लाये थे। बक्से में जो भी लेटर मिले, बांग्ला में होने पर अनुवाद किया जाता रहा। लेकिन सभी लेटरों पर संबोधन में स्वामी जी व गुरुजी लिखा मिला।
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बक्से में अधिकतर पुराने स्थानीय समाचार पत्र और उसकी कटिंग मिली। बताया जा रहा है कि इन बक्सों को पहले मुखर्जी आयोग जांच कर चुका है। उसके वापस किये गए बक्से को एक बार पुन: बारीकी से जांच-पड़ताल की गयी। चेयरमैन विष्णु सहाय यहां बारीकियों से पड़ताल करते रहे और खुद नोट किए।