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Lucknow News: वीआईपी कोटे में टिकट दलाली का भंडाफोड़, फर्जी यात्री गिरफ्तार
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आरपीएफ टीम के साथ पकड़ा गया फर्जी यात्री।
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लखनऊ। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में रेलवे सुरक्षा बल ने वीआईपी इमरजेंसी कोटे का दुरुपयोग करने वाले एक टिकट दलाल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अरुण कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में अपराध सूचना शाखा (सीआईबी) की टीम ने गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस (20104) में छापा मारकर एक फर्जी यात्री को पकड़ा है।
आरपीएफ की रेड टीम को गोपनीय सूचना मिली थी कि ट्रेन के स्लीपर कोच (एस-2) में एक यात्री फर्जी दस्तावेज पर सफर कर रहा है। टीम ने जब सीट संख्या 27 पर बैठे सुनील (निवासी सिद्धार्थनगर) से पूछताछ की, तो उसके पास से जाली आधार कार्ड बरामद हुआ। पूछताछ में उसने बताया कि यह टिकट उसने मुंबई के टिकट दलाल प्रमोद रूदल तिवारी से 5,000 रुपये में खरीदा था।
दलाल प्रमोद ने पहले सामान्य वेटिंग टिकट लिया और फिर रेलवे के वीआईपी कोटे का इस्तेमाल कर उसे कंफर्म करा दिया। इसके बाद यात्री सुनील को टिकट वाले नाम का फर्जी आधार कार्ड बनाकर दे दिया।
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आरपीएफ ने मौके से जाली दस्तावेज, कंफर्म टिकट और मोबाइल चैट जब्त किए हैं। इस मामले में आरपीएफ पोस्ट ऐशबाग में रेल अधिनियम की धारा 142 और 143 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी दलाल प्रमोद को वांछित घोषित कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। कार्रवाई में इंस्पेक्टर रणजीत यादव, प्रशांत सिंह यादव और उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही।
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आरपीएफ की रेड टीम को गोपनीय सूचना मिली थी कि ट्रेन के स्लीपर कोच (एस-2) में एक यात्री फर्जी दस्तावेज पर सफर कर रहा है। टीम ने जब सीट संख्या 27 पर बैठे सुनील (निवासी सिद्धार्थनगर) से पूछताछ की, तो उसके पास से जाली आधार कार्ड बरामद हुआ। पूछताछ में उसने बताया कि यह टिकट उसने मुंबई के टिकट दलाल प्रमोद रूदल तिवारी से 5,000 रुपये में खरीदा था।
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दलाल प्रमोद ने पहले सामान्य वेटिंग टिकट लिया और फिर रेलवे के वीआईपी कोटे का इस्तेमाल कर उसे कंफर्म करा दिया। इसके बाद यात्री सुनील को टिकट वाले नाम का फर्जी आधार कार्ड बनाकर दे दिया।
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आरपीएफ ने मौके से जाली दस्तावेज, कंफर्म टिकट और मोबाइल चैट जब्त किए हैं। इस मामले में आरपीएफ पोस्ट ऐशबाग में रेल अधिनियम की धारा 142 और 143 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी दलाल प्रमोद को वांछित घोषित कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। कार्रवाई में इंस्पेक्टर रणजीत यादव, प्रशांत सिंह यादव और उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही।