{"_id":"33fc2b6b8067e20f8b78d018a93648f4","slug":"vintage-car-rally-3","type":"story","status":"publish","title_hn":"विंटेज सवारी पर लखनवी विरासत की 'सफारी'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विंटेज सवारी पर लखनवी विरासत की 'सफारी'
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 03 Feb 2014 01:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवध हेरीटेज कार क्लब और इंटेक की ओर से विंटेज कार ड्राइव रविवार को निकाली गई। बड़े इमामबाड़े से शुरू हुई ड्राइव ने लोहिया पार्क होते हुए गोल्फ क्लब तक करीब 15 किलोमीटर का सफर तय किया।
विज्ञापन
जिसमें 1926 से लेकर 1962 तक की 25 विंटेज कारें शामिल हुईं। क्लब के एमए खान ने बताया कि ड्राइव का उद्देश्य स्कूल के बच्चों को लखनऊ की धरोहरों के बारे में जागरुक करना था।
विज्ञापन
अलग-अलग स्कूलों से करीब 60 बच्चे ड्राइव में शामिल हुए। बच्चों ने इमामबाड़े, शहीद स्मारक, रेजीडेंसी, लाल बारादरी, तारे वाली कोठी(एसबीआई भवन), क्राइस्ट चर्च स्कूल आदि विरासतों का इतिहास जाना।
विज्ञापन
ऐतिहासिक इमारतें देखने के बाद बच्चों के मन में तमाम सवाल भी उठे। मसलन, लाल बारादरी किसने बनवाई, रेजीडेंसी की दीवारों पर गोलियों के निशान कैसे और कहां से आए वगैरह-वगैरह।
इनके जवाब वरिष्ठ इतिहासकार रवि भट्ट ने दिए। बच्चों के आसानी से समझ में आने वाले लहजे में उन्होंने लखनऊ केइतिहास से उन्हें अवगत कराया।
इतना ही नहीं विंटेज कारों के काफिले में सबसे पुरानी कार वर्ष 1925 की बेबी ऑस्टिन ने बच्चों के लिए रोमांच का विषय भी बनी रही।
बच्चों ने ड्राइव शुरू होने से पहले और खत्म के बाद कार के साथ फोटो भी खिंचवाई। ड्राइव को हरी झंडी कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन ने दिखाई। उन्होंने कार क्लब के प्रयास को सराहनीय और हितकारी बताया।