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विनय पाठक प्रकरण : अजय मिश्रा की प्रिंटिंग प्रेस पर छापा, मिले दस्तावेज साक्ष्य के रूप में होंगे इस्तेमाल
Wed, 23 Nov 2022 12:00 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 23 Nov 2022 12:00 PM IST
सार
एसटीएफ के सूत्रों के अनुसार अजय मिश्रा की कंपनी एक्सलिक्ट प्राइवेट लिमिटेड की इंदिरानगर के रसूलपुर में प्रिंटिंग प्रेस है। इसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों में छपाई से संबंधित काम भी होता है।
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प्रो. विनय पाठक
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक के करीबी अजय मिश्रा के ठिकानों पर मंगलवार को एसटीएफ ने छापा मारा। इस दौरान एसटीएफ की टीम के हाथ कई अहम दस्तावेज लगे हैं।
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एसटीएफ के सूत्रों के अनुसार अजय मिश्रा की कंपनी एक्सलिक्ट प्राइवेट लिमिटेड की इंदिरानगर के रसूलपुर में प्रिंटिंग प्रेस है। इसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों में छपाई से संबंधित काम भी होता है। एसटीएफ की कार्रवाई में डेविड मारियो द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में लगाए गए आरोपों से संबंधित कई दस्तावेज जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं।
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एसटीएफ प्रिंटिंग प्रेस में लगे कंप्यूटर को भी एसटीएफ अपने साथ ले गई है। इसकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। बताया जा रहा है कि छापे के दौरान मिले दस्तावेजों से अजय मिश्रा के साथ-साथ विनय पाठक की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एसटीएफ बरामद दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद मामले से जुड़े तथ्य व सुबूत न्यायालय में पेश करेगी।
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स्टेप-बाई-स्टेप की नीति पर काम कर रही एसटीएफ
पाठक के मामले में एसटीएफ अब स्टेप-बाई-स्टेप की नीति पर काम कर रही है। ताकि न्यायालय में कोई भी सुबूत कमजोर ना पड़े। सूत्रों ने बताया कि एसटीएफ को पाठक के खिलाफ कई अन्य मामलों में भी पुख्ता सुबूत हाथ लगे हैं। पाठक न तो एसटीएफ के बुलावे पर आ रहे हैं और न ही राजभवन से उनके खिलाफ कोई कार्रवाई हो रही है, जिसकी वजह से जांच एजेंसी के अधिकारियों ने भी अपनी रफ्तार कम कर दी है। पहले एसटीएफ इन मामलों में नई एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रही था, लेकिन पाठक की पैंतरेबाजी की वजह से अब बारी-बारी से कार्रवाई की जाएगी।
सफेदपोश की शरण में प्रो. पाठक, पुरानी दोस्ती भी
एसटीएफ के बार-बार संपर्क किए जाने के बाद भी कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक सामने नहीं आ रहे हैं। अब सूत्रों से पता चला है कि प्रोफेसर पाठक को सफेदपोश ने शरण दे रखी है। बताया जा रहा है कि इस सफेदपोश का विनय पाठक केसाथ न सिर्फ याराना है बल्कि दोनों पूर्व में रूम मेट भी रहे हैं। उक्त सफेदपोश केदिल्ली और उत्तराखंड में ठिकाने हैं।
एसटीएफ विनय पाठक की गिरफ्तारी में किसी तरह की ढिलाई नहीं छोड़ना चाहती। इसी लिए हर पहलू को मद्देनजर रखते हुए कदम आगे बढ़ा रही है। इसी के तहत विनय पाठक की गिरफ्तारी के लिए अभियोजन स्वीकृति मांगने की भी तैयारी हो रही है।