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Lucknow News: अनाज घोटाले के दोषी ग्राम प्रधान और कोटेदार को 10 वर्ष की कैद
Sat, 13 Dec 2025 02:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 13 Dec 2025 02:56 AM IST
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लखनऊ। संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत आने वाले अनाज का घोटाला करने के दोषी बलिया के ग्राम प्रधान सत्य नारायण प्रसाद पटेल और कोटेदार शाहनवाज आलम को कोर्ट ने 10 वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। इन पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। दोनों को सजा सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने सुनाई है। दोनों ने घोटाला करके सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया था।
कोर्ट ने इसी मामले में आरोपी बनाए गए डिस्ट्रिक्ट रूरल डेवलपमेंट एजेंसी के तत्कालीन चीफ फाइनेंस एंड अकाउंट ऑफिसर सत्येंद्र सिंह गंगवार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। सीबीआई की ओर से कोर्ट में बताया गया कि बलिया के नरही थाने में 31 अक्तूबर 2008 को 172 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। सीबीआई को विवेचना सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान पता चला कि आरोपियों ने धोखाधड़ी और कूटरचना करके सरकारी राजकोष को 65 लाख रुपये नकद और 45 लाख 26 हजार रुपये के अनाज का नुकसान पहुंचाया था। योजना के तहत आई रकम का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए किया था। सीबीआई ने विवेचना के बाद आरोपी सत्येंद्र सिंह गंगवार, सत्य नारायण प्रसाद पटेल और शाहनवाज आलम के खिलाफ 10 नवंबर 2010 को चार्जशीट दायर की थी।
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कोर्ट ने इसी मामले में आरोपी बनाए गए डिस्ट्रिक्ट रूरल डेवलपमेंट एजेंसी के तत्कालीन चीफ फाइनेंस एंड अकाउंट ऑफिसर सत्येंद्र सिंह गंगवार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। सीबीआई की ओर से कोर्ट में बताया गया कि बलिया के नरही थाने में 31 अक्तूबर 2008 को 172 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। सीबीआई को विवेचना सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान पता चला कि आरोपियों ने धोखाधड़ी और कूटरचना करके सरकारी राजकोष को 65 लाख रुपये नकद और 45 लाख 26 हजार रुपये के अनाज का नुकसान पहुंचाया था। योजना के तहत आई रकम का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए किया था। सीबीआई ने विवेचना के बाद आरोपी सत्येंद्र सिंह गंगवार, सत्य नारायण प्रसाद पटेल और शाहनवाज आलम के खिलाफ 10 नवंबर 2010 को चार्जशीट दायर की थी।
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