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एलडीए के पूर्व मुख्य अभियंता सहित कई कर्मचारियों की की सम्पतियां तलाश रहा सतर्कता विभाग
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एलडीए के पूर्व मुख्य अभियंता समेत कई कर्मचारियों की संपति्तयों की तलाश में सतर्कता विभाग।
- फोटो : ??? ?????
सतर्कता विभाग एलडीए के पूर्व मुख्य अभियंता सहित कई कर्मचारियों व उनके परिवार के सदस्यों की अचल संपत्तियां नगर निगम में तलाश रहा है।
यह तलाश भ्रष्टाचार मामले में हो रही खुली जांच को लेकर की जा रही है। सतर्कता अधिष्ठान विभाग के पुलिस अधीक्षक की ओर से नगर निगम को पत्र भेजा गया है। इसमें नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की जानकारी मांगी गई है।
पुलिस अधीक्षक सतर्कता विभाग की ओर एलडीए के पूर्व मुख्य अभियंता त्रिलोकी नाथ की संपत्ति की जांच को लेकर जो पत्र भेजा गया है, उसमें उनकी पत्नी ज्योति नाथ, पुत्र मोहनीश नाथ के नाम शहर में कितनी आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियां हैं, की जानकारी मांगी गई है।
एलडीए में कनिष्ठ लिपिक शिव प्रताप सिंह पुत्र गंगा बक्स सिंह के नाम शहर में स्थित आवासीय और व्यावसायिक कितनी संपत्तियां नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज हैं उसकी जानकारी को लेकर भी पत्र भेजा गया है।
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इसी तरह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ओम प्रकाश सिंह पुत्र शिवलाल सिंह की संपत्तियों के साथ ही सतर्कता विभाग ने उनकी पत्नी गायत्री सिंह, पुत्र राजेश सिंह, बृजेश सिंह, राघवेंद्र सिंह उर्फ संतोष सिंह व पुत्री प्राची सिंह के नाम शहर में कितनी अचल संपत्तियां दर्ज हैं, उसकी जानकारी भी मांगी है।
स्मारक घोटाले से जुड़े हैं त्रिलोकी नाथ
एलडीए में मुख्य अभियंता रहे त्रिलोकी नाथ के तार स्मारक घोटाले से जुड़े हुए हैं। उनके खिलाफ विजिलेंस से लेकर लोकायुक्त तक में जांच चल रही है। वहीं, शिवप्रताप सिंह एलडीए कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हैं।
एलडीए से कंप्यूटर गायब होने के नौ महीने बाद मुकदमा दर्ज
एलडीए के संपत्ति विभाग से 15 अक्टूबर 2020 से गायब कंप्यूटर के चोरी हो जाने की एफआईआर करीब नौ महीने के बाद दर्ज हो सकी है। मामले के आरोपी बाबू मो. हाशिम ने गायब चल रहे बाबू प्रांशू शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इसके लिए आरोपी बाबू ने अधिकारियों से अनुमति मांगी थी। मो. हाशिम ने तहरीर में बताया है कि वह अपार्टमेंट अनुभाग में योजना सहायक है। उसके कंप्यूटर पर दूसरे योजना सहायक प्रांशू शुक्ला काम करते थे। 15 अक्टूबर 2020 को कंप्यूटर गुम होने के बाद एक अनुसेवक ने बताया कि लाल रंग की कार में कंप्यूटर रखकर प्रांशू शुक्ला ले गए। आरोप लगाया कि अधिष्ठान में तैनात एक अनुभाग अधिकारी का संरक्षण है, जोकि अब इस अनुसेवक को धमकी दे रहे हैं कि अगर कुछ बताया तो जेल भेज देंगे। कंप्यूटर से एलडीए को वित्तीय नुकसान पहुंचाया जा सकता है। ऐसे में पुलिस से कंप्यूटर बरामद कराने की मांग की है।
अपर सचिव ने मांगी सूचना
कंप्यूटर गुम होने के मामले में अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने प्रभारी अधिकारी अपार्टमेंट से एफआईआर पर जानकारी मांगी थी। इसके बाद अपार्टमेंट अनुभाग ने आननफानन योजना सहायक को एफआईआर करा इसकी सूचना आधिकारिक रूप से देने को कहा है। इससे पहले एलडीए अधिकारी मो. हाशिम को ही आरोपी मानते हुए नोटिस कर विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर चुके हैं। कंप्यूटर की तलाश में संपत्ति विभाग की अलमारी भी तोड़वाई गई थीं।
आरडब्ल्यूए को कॉर्पस फंड देने को बनी समिति
एलडीए के बनाए अपार्टमेंटों को कॉर्पस फंड व रखरखाव शुल्क दिए जाने पर निर्णय के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है। प्रमुख सचिव आवास के आदेश पर बनी यह समिति तीन दिन में रिपोर्ट देगी। प्रमुख सचिव ने जुलाई के अंत तक कॉर्पस फंड सभी आरडब्ल्यूए को देने के लिए आदेश एलडीए को दिया था। सचिव पवन गंगवार के निर्देश पर मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने कॉर्पस फंड एवं अनुरक्षण शुल्क तथा प्राधिकरण द्वारा रखरखाव आदि पर किए गए खर्च के आकलन के लिए समिति बनाने का आदेश जारी कर दिया। इसमें वित्त नियंत्रक, मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता जोनवाइज, संपत्ति अधिकारी, प्रभारी अधिकारी विज्ञापन को रखा गया है। समिति की रिपोर्ट पर वीसी की सहमति लेकर कॉर्पस फंड हैंडओवर करने की कार्रवाई की जाएगी। नौ जुलाई को प्रमुख सचिव आवास भी इस प्रकरण में बैठक कर चुके हैं। इसमें प्रमुख रूप से गोमतीनगर विस्तार के फ्लैटों के कॉर्पस फंड का मुद्दा उठा था।
कूड़ा उठाने वाली कंपनी को नोटिस
अधिशासी अभियंता जोन-1 ने गोमतीनगर विस्तार में घरों से कूड़ा उठाने और निस्तारण का काम कर रही एजेंसी मैसर्स राम सिंह अग्रवाल को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि सेक्टर-4 में ट्रांसफर स्टेशन पर कूड़े का निस्तारण नहीं होने से दुर्गंध फैल रही है। इससे स्थानीय लोग परेशान हैं। फ र्म पर 20 हजार रुपये रोजाना के हिसाब से जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है।
फाइलों की तलाश बंद, दस को नोटिस
एलडीए के बेसमेंट पार्किंग में कूड़े में फेंकी गई फाइलों की छंटनी बंद करने पर दस कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई सचिव पवन गंगवार के आदेश पर हुई है। अब बृहस्पतिवार से फिर से फाइलों की तलाश शुरू होगी। सचिव ने बताया कि यह अनुशासनहीनता है। शुक्रवार को जब आदेश जारी कर दिया गया था। ऐसे में कर्मचारियों को इस काम को पूरा कर लेना चाहिए था। पर फाइलों को लावारिस छोड़ दिया गया। ऐसे में रिकॉर्ड असुरक्षित पड़ा हुआ है। सभी को स्पष्टीकरण देना होगा। इसके बाद आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार से छंटनी का काम फिर शुरू होगा।
हर विभाग की फाइल मौजूद
सचिव के सामने आए रिकॉर्ड में लगभग सभी विभागों की फाइलें मिल रही हैं। संपत्ति के अलावा इंप्रूवमेंट ट्रस्ट, प्रवर्तन, अधिष्ठान तक के रिकॉर्ड यहां मिले हैं। इनकी सूची भी सचिव ने मांगी है। ताकि जिम्मेदार कर्मचारियों को चिह्नित किया जा सके।
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यह तलाश भ्रष्टाचार मामले में हो रही खुली जांच को लेकर की जा रही है। सतर्कता अधिष्ठान विभाग के पुलिस अधीक्षक की ओर से नगर निगम को पत्र भेजा गया है। इसमें नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की जानकारी मांगी गई है।
पुलिस अधीक्षक सतर्कता विभाग की ओर एलडीए के पूर्व मुख्य अभियंता त्रिलोकी नाथ की संपत्ति की जांच को लेकर जो पत्र भेजा गया है, उसमें उनकी पत्नी ज्योति नाथ, पुत्र मोहनीश नाथ के नाम शहर में कितनी आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियां हैं, की जानकारी मांगी गई है।
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एलडीए में कनिष्ठ लिपिक शिव प्रताप सिंह पुत्र गंगा बक्स सिंह के नाम शहर में स्थित आवासीय और व्यावसायिक कितनी संपत्तियां नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज हैं उसकी जानकारी को लेकर भी पत्र भेजा गया है।
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इसी तरह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ओम प्रकाश सिंह पुत्र शिवलाल सिंह की संपत्तियों के साथ ही सतर्कता विभाग ने उनकी पत्नी गायत्री सिंह, पुत्र राजेश सिंह, बृजेश सिंह, राघवेंद्र सिंह उर्फ संतोष सिंह व पुत्री प्राची सिंह के नाम शहर में कितनी अचल संपत्तियां दर्ज हैं, उसकी जानकारी भी मांगी है।
स्मारक घोटाले से जुड़े हैं त्रिलोकी नाथ
एलडीए में मुख्य अभियंता रहे त्रिलोकी नाथ के तार स्मारक घोटाले से जुड़े हुए हैं। उनके खिलाफ विजिलेंस से लेकर लोकायुक्त तक में जांच चल रही है। वहीं, शिवप्रताप सिंह एलडीए कर्मचारी संघ के अध्यक्ष हैं।
एलडीए से कंप्यूटर गायब होने के नौ महीने बाद मुकदमा दर्ज
एलडीए के संपत्ति विभाग से 15 अक्टूबर 2020 से गायब कंप्यूटर के चोरी हो जाने की एफआईआर करीब नौ महीने के बाद दर्ज हो सकी है। मामले के आरोपी बाबू मो. हाशिम ने गायब चल रहे बाबू प्रांशू शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इसके लिए आरोपी बाबू ने अधिकारियों से अनुमति मांगी थी। मो. हाशिम ने तहरीर में बताया है कि वह अपार्टमेंट अनुभाग में योजना सहायक है। उसके कंप्यूटर पर दूसरे योजना सहायक प्रांशू शुक्ला काम करते थे। 15 अक्टूबर 2020 को कंप्यूटर गुम होने के बाद एक अनुसेवक ने बताया कि लाल रंग की कार में कंप्यूटर रखकर प्रांशू शुक्ला ले गए। आरोप लगाया कि अधिष्ठान में तैनात एक अनुभाग अधिकारी का संरक्षण है, जोकि अब इस अनुसेवक को धमकी दे रहे हैं कि अगर कुछ बताया तो जेल भेज देंगे। कंप्यूटर से एलडीए को वित्तीय नुकसान पहुंचाया जा सकता है। ऐसे में पुलिस से कंप्यूटर बरामद कराने की मांग की है।
अपर सचिव ने मांगी सूचना
कंप्यूटर गुम होने के मामले में अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने प्रभारी अधिकारी अपार्टमेंट से एफआईआर पर जानकारी मांगी थी। इसके बाद अपार्टमेंट अनुभाग ने आननफानन योजना सहायक को एफआईआर करा इसकी सूचना आधिकारिक रूप से देने को कहा है। इससे पहले एलडीए अधिकारी मो. हाशिम को ही आरोपी मानते हुए नोटिस कर विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर चुके हैं। कंप्यूटर की तलाश में संपत्ति विभाग की अलमारी भी तोड़वाई गई थीं।
आरडब्ल्यूए को कॉर्पस फंड देने को बनी समिति
एलडीए के बनाए अपार्टमेंटों को कॉर्पस फंड व रखरखाव शुल्क दिए जाने पर निर्णय के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है। प्रमुख सचिव आवास के आदेश पर बनी यह समिति तीन दिन में रिपोर्ट देगी। प्रमुख सचिव ने जुलाई के अंत तक कॉर्पस फंड सभी आरडब्ल्यूए को देने के लिए आदेश एलडीए को दिया था। सचिव पवन गंगवार के निर्देश पर मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने कॉर्पस फंड एवं अनुरक्षण शुल्क तथा प्राधिकरण द्वारा रखरखाव आदि पर किए गए खर्च के आकलन के लिए समिति बनाने का आदेश जारी कर दिया। इसमें वित्त नियंत्रक, मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता जोनवाइज, संपत्ति अधिकारी, प्रभारी अधिकारी विज्ञापन को रखा गया है। समिति की रिपोर्ट पर वीसी की सहमति लेकर कॉर्पस फंड हैंडओवर करने की कार्रवाई की जाएगी। नौ जुलाई को प्रमुख सचिव आवास भी इस प्रकरण में बैठक कर चुके हैं। इसमें प्रमुख रूप से गोमतीनगर विस्तार के फ्लैटों के कॉर्पस फंड का मुद्दा उठा था।
कूड़ा उठाने वाली कंपनी को नोटिस
अधिशासी अभियंता जोन-1 ने गोमतीनगर विस्तार में घरों से कूड़ा उठाने और निस्तारण का काम कर रही एजेंसी मैसर्स राम सिंह अग्रवाल को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि सेक्टर-4 में ट्रांसफर स्टेशन पर कूड़े का निस्तारण नहीं होने से दुर्गंध फैल रही है। इससे स्थानीय लोग परेशान हैं। फ र्म पर 20 हजार रुपये रोजाना के हिसाब से जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है।
फाइलों की तलाश बंद, दस को नोटिस
एलडीए के बेसमेंट पार्किंग में कूड़े में फेंकी गई फाइलों की छंटनी बंद करने पर दस कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई सचिव पवन गंगवार के आदेश पर हुई है। अब बृहस्पतिवार से फिर से फाइलों की तलाश शुरू होगी। सचिव ने बताया कि यह अनुशासनहीनता है। शुक्रवार को जब आदेश जारी कर दिया गया था। ऐसे में कर्मचारियों को इस काम को पूरा कर लेना चाहिए था। पर फाइलों को लावारिस छोड़ दिया गया। ऐसे में रिकॉर्ड असुरक्षित पड़ा हुआ है। सभी को स्पष्टीकरण देना होगा। इसके बाद आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार से छंटनी का काम फिर शुरू होगा।
हर विभाग की फाइल मौजूद
सचिव के सामने आए रिकॉर्ड में लगभग सभी विभागों की फाइलें मिल रही हैं। संपत्ति के अलावा इंप्रूवमेंट ट्रस्ट, प्रवर्तन, अधिष्ठान तक के रिकॉर्ड यहां मिले हैं। इनकी सूची भी सचिव ने मांगी है। ताकि जिम्मेदार कर्मचारियों को चिह्नित किया जा सके।