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‘बिजली कर्मियों से रियायती दर पर बिजली की सुविधा वापस लेना गलत’कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने जताई कड़ी आपत्ति
Mon, 06 Jun 2022 05:22 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 06 Jun 2022 05:22 PM IST
सार
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति बिजली कर्मचारियों से रियायती दरों पर बिजली देने की सुविधा वापस लेने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने मामले में ऊर्जा मंत्री को गलत सूचना देकर भ्रमित करने की बात कही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बिजली कर्मियों को रियायती दर पर दी जाने वाली बिजली की सुविधा वापस लेने की घोषणा पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कड़ी आपत्ति जताई है।
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समिति के संयोजक शैलेंद्र दूबे ने कहा है कि बिजली कर्मियों को यह सुविधा इलेक्ट्रिसिटी रिफॉर्म एक्ट 1999 और ट्रांसफर स्कीम 2000 के तहत मिल रही है। इसलिए इसे वापस लेना एक्ट का उल्लंघन है।
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समिति ने ऊर्जा निगम प्रबंधन पर पर ऊर्जा मंत्री को गलत सूचना देकर इस मामले में भ्रमित करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन कर बिजली कर्मियों को मिल रही रियायती दर पर बिजली की सुविधा में छेड़छाड़ की गई तो सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता आंदोलन करेंगे।
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