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यूपी में एक नहीं साढ़े चार मुख्यमंत्री हैं!

Wed, 11 Mar 2015 10:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Wed, 11 Mar 2015 10:54 AM IST
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vidhan parishad session in lucknow

विधान परिषद में नेता भाजपा हृदय नारायण दीक्षित ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बद से बदतर बताते हुए यहां तक कह दिया कि यूपी में तो तमंचे पर डिस्को वाली स्थिति है। सपाइयों के इशारे पर एफआईआर लिखे जा रहे हैं।

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इटावा व मैनपुरी के पुलिस अधिकारियों को मनचाही तैनाती दी जा रही है। इन जिलों के अधिकारी किसी को कुछ नहीं समझते हैं। किसी से भी ऊंची आवाज में बात कर लेते हैं। ऊंची आवाज में बात करने वाला जरूर इटावा व मैनपुरी का होगा और धीमी आवाज में बात कराने वाला पूर्वांचल या अन्य जिलों का होगा।
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महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती के लिए इटावा व मैनपुरी ब्रांड बन गया है। प्रदेश में ढाई साल में 622 पुलिस पिटाई के मामले दर्ज किए गए, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कानून-व्यवस्था की क्या स्थिति है।
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 प्रदेश में जब पुलिस सुरक्षित नहीं तो आम जनता की कौन कहे। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण में अयोध्या, वाराणसी व मथुरा को विवादित स्थल कहे जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह तीनों स्थल श्रद्धा एवं भारतीय संस्कृति के प्रतीक हैं।

‘यूपी में साढ़े चार मुख्यमंत्री’

vidhan parishad session in lucknow

विधान परिषद में विरोधी दल के नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश में साढ़े चार मुख्यमंत्री काम कर रहे हैं। इस सरकार से जनता ऊब चुकी है।

इस पर उन्होंने कुछ पंक्तियां भी सुनाई ‘सपा की ये सरकार अरे रे बाबा न बाबा, यहां मुख्यमंत्री साढ़े चार, अरे रे बाबा न बाबा, अपराध का है बोलबाला, हर आदमी है परेशान, अरे रे बाबा न बाबा, कितना अत्याचार अरे से बाबा न बाबा।’

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसी है कि चुनाव यूपी का होता है और वादा केंद्र का करती है। उदाहरण देते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों को आरक्षण देने व 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का अधिकार केंद्र के पास है, फिर भी इन्होंने वादा कर लिया।

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि श्रम विभाग ने जौहर विश्वविद्यालय के कुलपति को 20 करोड़ सेस (उपकर) जमा करने का नोटिस दिया है। इसमें कहा गया है कि 2000 करोड़ रुपये का काम हुआ है, इसके एवज में श्रम विभाग को सेस दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय को जो नोटिस दिया गया है वह प्रदेश सरकार के श्रम विभाग ने दिया है। इसलिए जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में 2000 करोड़ खर्च होने की पुष्टि होती है। इतनी बड़ी रकम कहां से आई, इसकी जांच होनी चाहिए।

आजम खां की भी ली गई चुटकी

vidhan parishad session in lucknow

भाजपा नेता हृदय नारायण दीक्षित ने विधान परिषद में सपा के मंत्रियों व उसके कामकाज पर खूब तंज कसा। आजम खां का नाम लिए बिना कहा कि प्रदेश सरकार के एक मंत्री कह रहे हैं कि राज्यपाल के कारण मुसलमानों में खौफ है। चुटकी लेते हुए कहा कि यह खौफ कहां हैं दिखाई नहीं पड़ रहा।

एक मंत्री तो सीधे लोकायुक्त पर आरोप लगा रहे हैं। प्रदेश के मंत्री संवैधानिक संस्था के प्रति आदर नहीं रखते हैं। सरकार भी खूब है, संवैधानिक संस्थाओं का चेयरमैन बनाने के लिए कहां से लोगों को ढूंढ लाती है जिसके बारे में जानकारी ही नहीं होती है।

यही कारण है कि कुछ संवैधानिक संस्थाओं का काम विवादित हो रहा है। राज्यपाल के अभिभाषण को उन्होंने नौकरशाही का दस्तावेज बताया, कहा कि नौकरशाही इसे तैयार करती है और सरकार उन्हें प्यार करती है।

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