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विधान परिषद चुनाव: सपा प्रत्याशियों ने किया नामांकन, अखिलेश यादव रहे मौजूद
Fri, 15 Jan 2021 08:21 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 15 Jan 2021 08:21 AM IST
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नामांकन करते हुए सपा प्रत्याशी
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ विधानसभा के टंडन हाल में विधान परिषद के लिए समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अहमद हसन और राजेंद्र चौधरी ने नामांकन किया। इस दौरान सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को दूसरे दिन भी विधायकों के साथ बैठक कर विधान परिषद चुनाव की रणनीति बनाई। विधान सभा में सपा के 49 विधायक हैं लेकिन सपा ने दो प्रत्याशी उतारे हैं।
दूसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए सपा को अतिरिक्त मत जुटाने पड़ेंगे। उसकी नजर कांग्रेस और सुभासपा विधायकों के साथ ही बसपा व भाजपा के बागियों पर है। बसपा के आधा दर्जन से अधिक विधायक पहले ही सपा के पक्ष में आ चुके हैं।
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विधान परिषद चुनाव के लिए मतदान होने पर इनकी संख्या बढ़ सकती है। सपा नेताओं का दावा है कि भाजपा के कई विधायक उनके संपर्क में है। यदि भाजपा ने 10 से ज्यादा प्रत्याशी उतारे तो चुनाव की नौबत आएगी। भाजपा के 10 और सपा के 2 उम्मीदवार ही मैदान में उतरे तो सभी का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय है।
सपा यह मानकर तैयारी कर रही है कि भाजपा आखिरी वक्त में 11वें प्रत्याशी को अधिकृत या समर्थित उम्मीदवार के रूप में उतार सकती है। सपा अध्यक्ष अखिलेश खुद दोनों उम्मीदवारों की जीत के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं।
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इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को दूसरे दिन भी विधायकों के साथ बैठक कर विधान परिषद चुनाव की रणनीति बनाई। विधान सभा में सपा के 49 विधायक हैं लेकिन सपा ने दो प्रत्याशी उतारे हैं।
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दूसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए सपा को अतिरिक्त मत जुटाने पड़ेंगे। उसकी नजर कांग्रेस और सुभासपा विधायकों के साथ ही बसपा व भाजपा के बागियों पर है। बसपा के आधा दर्जन से अधिक विधायक पहले ही सपा के पक्ष में आ चुके हैं।
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विधान परिषद चुनाव के लिए मतदान होने पर इनकी संख्या बढ़ सकती है। सपा नेताओं का दावा है कि भाजपा के कई विधायक उनके संपर्क में है। यदि भाजपा ने 10 से ज्यादा प्रत्याशी उतारे तो चुनाव की नौबत आएगी। भाजपा के 10 और सपा के 2 उम्मीदवार ही मैदान में उतरे तो सभी का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय है।
सपा यह मानकर तैयारी कर रही है कि भाजपा आखिरी वक्त में 11वें प्रत्याशी को अधिकृत या समर्थित उम्मीदवार के रूप में उतार सकती है। सपा अध्यक्ष अखिलेश खुद दोनों उम्मीदवारों की जीत के लिए रणनीति बनाने में जुटे हैं।