यूपी: विधानमंडल की कार्यवाही बुधवार 11 बजे तक के लिए स्थगित, पहले दिन मुख्यमंत्री योगी सहित नेताओं ने दिवंगत विधायकों को दी श्रद्धांजलि
सपा विधान मंडल दल के नेता रामगोविंद चौधरी ने कहा कि पार्टी महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे को जोरशोर से उठाएगी। सरकार ने किसानों से किए गए एक भी वादे को पूरा नहीं किया। खाद-बीज महंगा कर दिया गया।
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विधानसभा के छह सदस्यों की कोरोना संक्रमण और अन्य कारणों से निधन पर मंगलवार को विधानसभा में मानसून सत्र के पहले दिन शोक व्यक्त कर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी, बसपा दल के नेता गुड्डू जमाली, कांग्रेस दल की नेता आराधना मिश्रा मोना, अपना दल की लीना तिवारी और सुभासपा के ओम प्रकाश राजभर ने भी दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरनगर के चरथावल से विधायक एवं राज्यमंत्री विजय कश्यप, लखनऊ पश्चिम के विधायक स्वर्गीय सुरेश श्रीवास्तव, औरेया के विधायक स्वर्गीय रमेश चंद्र दिवाकर, नवाबगंज बरेली के विधायक स्वर्गीय केसर सिंह, सलोन रायबरेली के विधायक स्वर्गीय दल बहादुर कोरी और कासगंज के अंमापुर से भाजपा विधायक स्वर्गीय देवेंद्र प्रताप सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने सभी दिवंगत विधायकों का संक्षिप्त जीवन परिचय रखते हुए कहा कि पांच विधायकों के निधन से सदन के साथ भाजपा को भी अपूर्णीय क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि सभी ने समाज सेवा के साथ वंचित वर्ग की सेवा के लिए कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण के कारण जान गंवाने वाले कोरोना वारियर्स, चिकित्सकों, चिकित्सा कर्मियों, शिक्षकों, कर्मचारियों के साथ आम लोगों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि खासतौर पर स्वर्गीय सुरेश श्रीवास्तव की कमी सदन के बहुत से सदस्यों को खलेगी। उन्होंने कहा कि जो बात सदन के सदस्य सीधे मुख्यमंत्री को नहीं कह पाते थे वह सुरेश श्रीवास्तव के जरिये कही जाती थी। चौधरी ने सदन के पूर्व सदस्यों के निधन पर भी शोक व्यक्त करने का प्रस्ताव रखा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि बाद में देना तय किया गया है।
सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष गांव, गरीब, महिलाओं व विकास के हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। हमें उम्मीद है कि सदन में सार्थक चर्चा होगी।
Lucknow | Legislative Assembly session is set to start today. I believe that all members will participate in the proceedings with positive approach: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath pic.twitter.com/Wo311NrP76
— ANI UP (@ANINewsUP) August 17, 2021
सपा विधायक व एमएलसी सत्र के पहले दिन बैलगाड़ियों से विधानभवन जा रहे थे जिन्हें पुलिस कर्मियों ने रोक लिया। सपा नेता पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण सरकार का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा सपा कार्यकर्ताओं ने विधानभवन के सामने भी प्रदर्शन किया।
Lucknow | Opposition MLAs stage protest outside the Legislative Assembly, ahead of the first session. pic.twitter.com/pomois47kM
— ANI UP (@ANINewsUP) August 17, 2021
सपा विधान मंडल दल के नेता रामगोविंद चौधरी ने कहा कि पार्टी महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे को जोरशोर से उठाएगी। सरकार ने किसानों से किए गए एक भी वादे को पूरा नहीं किया। खाद-बीज महंगा कर दिया गया। डीजल के दाम बढ़ने से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। तमाम किसानों ने इस सीजन में खेत को खाली छोड़ दिए हैं। अनाज से लेकर दाल तक के दाम बढ़ गए हैं। कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से तमाम लोगों ने दम तोड़ दिया। युवाओं को नौकरी देने के वादे पर भी सरकार पूरी तरह से फेल रही है।
कृषि कानूनों का विरोध करेगी बसपा
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि पार्टी विधायक कृषि कानूनों के विरोध में आवाज उठाएंगे। पूरा प्रयास रहेगा कि सरकार इन कानूनों को प्रदेश में लागू न करने पाए। प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था व दलित उत्पीड़न के मामलों को भी जोर शोर से उठाया जाएगा। सोमवार को मायावती ने कहा कि इस समय देश और प्रदेश में हाल बुरा है। किसान लगातार कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं पर कोई सुन नहीं रहा है। बसपा भी इन कानूनों के पक्ष में नहीं है। पार्टी दलितों, पिछड़ों, महिलाओं व अकलियतों पर हो रहे जुल्मों के विरोध में भी आवाज उठायेगी।