यूपी विधानमंडल सत्र: नागरिकता कानून व प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सदन में हंगामा, कार्यवाही स्थगित
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विधान परिषद में मंगलवार को नागरिकता एक्ट, कानून-व्यवस्था और किसानों के मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। शुरुआती सवा घंटे सदन की कार्यवाही ही नहीं चलने दी। अलग-अलग कार्यस्थगन प्रस्ताव लाकर सपा और बसपा ने बहिर्गमन किया।
सुबह 11 बजे विधान परिषद में राष्ट्रगीत के बाद नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि पूरा प्रदेश जल रहा है। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) एक धर्म विशेष के लोगों के खिलाफ है। सीएए के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे एएमयू, बीएचयू और जामिया मिल्लिया के विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज निंदनीय है। सपा के ही संजय लाठर ने मथुरा में ओलावृष्टि से फसल की बर्बादी और गन्ना किसानों को बकाया न मिलने का मुद्दा उठाया। कहा, सरकार को किसानों की कोई सुधि नहीं है। सपाई प्रश्न प्रहर स्थगित करके इन मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। इस पर सत्ता पक्ष ने कहा कि बिना नोटिस दिए इस तरह की चर्चा की मांग अनुचित है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब सरकार संविधान का पालन नहीं कर रही है, ऐसे में नोटिस देने का कोई औचित्य नहीं बनता है। इसके साथ ही विपक्षी सदस्य वेल में आ गए। अधिष्ठाता ने नियमों के तहत बोलने को कहा, पर विपक्षी नहीं माने। इस पर सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। 11: 22 पर सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सपा सदस्य फिर वेल में आकर तख्तियां लहराते हुए नारे लगाने लगे। इस पर सदन 12:20 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। सपा नेताओं ने सदन के बाहर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया।
Lucknow: Samajwadi Party leaders hold protest at State Assembly over many issues including law and order situation in the state and atrocities against women. pic.twitter.com/RvmSe8rEdb
— ANI UP (@ANINewsUP) December 17, 2019
विपक्ष का आरोप, बर्बरता पर उतरी सरकार
सदन की कार्यवाही पुन: शुरू होने पर सपा की ओर से सीएए का विरोध कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया गया। सपा के रामसुंदर दास ने कहा कि अलीगढ़, वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, बरेली, लखनऊ, मेरठ और आगरा में पुलिस का बर्बर रवैया देखने को मिला है। शतरुद्र प्रकाश ने कहा कि पुलिस ने छात्राओं तक को नहीं बख्शा।
पीठ ने कथित बर्बरता के शिकार छात्र-छात्राओं के नाम मांगे, तो असीम यादव ने बताया कि एएमयू में पढ़ रहे फिरोजाबाद के छात्र तारिक और सैय्यद शाद जफर बुरी तरह से घायल हुए हैं। बसपा के दिनेश चंद्रा ने कहा कि 10 से ज्यादा जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं।
उन्होंने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हाल की घटनाओं से साफ हो गया है कि भाजपा सरकार अलोकतांत्रिक है। प्रदेश के कई लाख बुनकरों से बिजली का हर महीने फिक्स चार्ज लिया जाता था, पर सरकार ने यह सुविधा बंद कर दी।