हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार: विधानमंडल सत्र के पहले सर्वदलीय बैठक में सीएम योगी
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यूपी विधानमंडल के दोनों सदनों का वर्ष 2018 का पहला सत्र बृहस्पतिवार से होगा। सुबह 11 बजे दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण से इसकी शुरुआत होगी। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाकर सदन के संचालन में सहयोग मांगा।
इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार सदन में किसी भी मुद्दे पर रचनात्मक बहस और चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने दलीय नेताओं से सदन में स्वस्थ बहस करने और निजी आक्षेप व वाद-विवाद से बचने की अपील की।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम चाहते हैं सदन ज्यादा से ज्यादा चले और अधिकतम चर्चा हो। हम सकारात्मक चर्चा के साथ-साथ जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए सदैव तत्पर हैं। सदन का यह मंच प्रदेश की 22 करोड़ जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए है। यहां हमें अपनी बातें नियमों और मर्यादा के अंतर्गत रखनी चाहिए। सदन में रचनात्मक एवं सकारात्मक बहस के लिए नई परंपराएं बनानी चाहिए। जनता के मन में आदर एवं सम्मान का भाव जगाना चाहिए।
विपक्ष की सही बातों पर कार्रवाई को तत्पर
योगी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भी बहुत बड़ी और सकारात्मक भूमिका होती है। उसका हम सदैव आदर करते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विपक्ष की सही बातों को संज्ञान में लेते हुए सरकार उन पर ठोस कार्रवाई के लिए तत्पर है।
सहमति-असहमति के मिलन से मजबूत होता है जनतंत्र
विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सत्र के सुचारु संचालन के लिए सभी दलों के नेताओं से सहयोग का अनुरोध किया। उनसे आग्रह किया कि वे सदन में अपना पक्ष शालीनता, सौम्यता और संसदीय मर्यादा के साथ रखें। उन्होंने कहा कि दुनिया के लोकतांत्रिक देशों में पक्ष होता है, विपक्ष होता है, सहमति होती है, असहमति होती है, तर्क होता है, प्रतितर्क होता है। वाद-विवाद होते हैं। सहमति और असहमति जिस बिंदु पर मिलते हैं, वहीं जनतंत्र मजबूत होता है।
बैनर-पोस्टर लहराकर व्यवधान उचित नहीं
दीक्षित ने कहा कि कभी-कभी तात्कालिक प्रसंगों को लेकर सदन में व्यवधान आता है। वाद-विवाद होता है। तात्कालिक क्रिया-प्रतिक्रिया स्वाभाविक है लेकिन कभी-कभी सुनियोजित ढंग से बैनर व पोस्टर लहराकर सदन में व्यवधान किया जाता है। यह उचित नहीं है।
सदन के संचालन में सहयोग का वादा
नेता विरोधी दल राम गोविंद चौधरी, बसपा के नेता लालजी वर्मा और कांग्रेस दल के नेता अजय कुमार उर्फ लल्लू ने कहा कि सदन की कार्यवाही नियमों व परंपरा के अनुसार चली तो विपक्ष की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। रामगोविंद ने कहा कि सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक व बहसें होती हैं लेकिन हमें मैत्री भाव नहीं खोना चाहिए।
सदन में चर्चा का स्तर बढ़ाया जाए
कार्यवाही के लाइव प्रसारण की अवधि बढ़ी
विपक्षी नेताओं ने सदन की कार्यवाही के प्रसारण की अवधि बढ़ाए जाने का अनुरोध किया। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रसारण अवधि एक घंटा बढ़ाकर सुबह 11 बजे से दोपहर बाद 3 बजे तक कर दिया। इसके अलावा किसी विशिष्ट अवसर पर होने वाली चर्चा का भी दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण किया जाएगा।