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Lucknow News: पीड़ित खाताधारकों का बैंकों में प्रदर्शन

Wed, 21 Jan 2026 02:40 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 02:40 AM IST
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Victimized account holders protest in banks
लखनऊ। मोहान रोड स्थित शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर में संचालित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में करोड़ों के एफडी घोटाले में बैंक मित्र शिवा राव और उसके साथी दीपक के जेल जाने के बाद भी पीड़ित खाताधारकों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को भी 25 से अधिक खाताधारक सुबह बैंक पहुंचे और अधिकारियों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए दोपहर दो बजे तक नारेबाजी व प्रदर्शन किया। हालात को देखते हुए बैंक मैनेजर को हटाकर दूसरे अधिकारी को तैनात कर दिया गया है।
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एसएसआई ओम प्रकाश मिश्रा के मुताबिक विवेचना में अब तक 40 खाताधारकों से करोड़ों की ठगी की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए रीजनल ऑफिस को लिखित सूचना देकर सहयोग करने की अपील की गई है।
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परिवार पर आया संकट

निजी कंपनी में काम करने वाले पतौरा मोड़ निवासी कुशमा ने बताया कि मेहनत की कमाई बैंक में जमा की थी। एक विकलांग बेटा और दो बेटियां हैं। परिवार पर संकट आ गया है। गांव की गोमती यादव ने छह लाख रुपये की एफडी में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए बताया कि स्टेटमेंट निकलवाने पर घपले का पता चला। भरोसा गांव की शांति ने बताया कि एक लाख रुपये की एफडी कराई थी, जो फर्जी निकली। शिवानी सिंह की दो लाख रुपये की जमा राशि गायब हो गई है। सदरौना की ममता के खाते से एक लाख 16 हजार रुपये निकल गए। एक महिला ने बताया कि छह वर्ष पहले कराई एफडी पति की मौत के बाद तुड़वाने पहुंचीं तो पता चला कि दस्तावेज फर्जी है और खाता ही नहीं है। बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है।
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ठगी की रकम से खरीदे प्लॉट

खाताधारकों ने दोषी बैंक कर्मियों पर सख्त कार्रवाई और उनकी जमा पूंजी तत्काल लौटाने की मांग की है। इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि विवेचना में सामने आया है कि शिवा राव और दीपक ने ठगी की रकम से कई प्लॉट खरीदे हैं। उनकी चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है। राजस्व विभाग से विवरण मंगाया गया है और यह भी जांच की जा रही है कि संपत्तियां कब, कैसे और किसके नाम पर खरीदी गई हैं।
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