बेहद चुनौती भरा रहा सर्जिकल स्ट्राइक पर बनी 'उरी' में काम करना: अभिनेता विक्की कौशल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैं कल की फिक्र करने के बजाय सिर्फ आज को जीता हूं। मैं मानता हूं कि जो भी करो पूरी शिद्दत से करो। किसी भी काम में अपना सौ फीसदी दो और उसका परिणाम ऊपर वाले पर छोड़ दो। यह कहना है ‘मसान’ जैसी बेहतरीन फिल्म के अभिनेता विक्की कौशल का।
अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'उरी' को लेकर वे इन दिनों चर्चा में हैं। यह फिल्म 11 जनवरी को रिलीज हो रही है, जो उरी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित है। सोमवार को लखनऊ आए विक्की कौशल से अमर उजाला ने लंबी बातचीत की। पेश हैं कुछ अंश :
विक्की कौशल ने कहा, भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर जिस तरह से उरी में मारे गए अपने जवानों की हत्या का बदला लिया, वह अपने आप में अद्भुत था। इस फिल्म में मैं सेना के मेजर का रोल कर रहा हूं। फिल्म को सच्चाई के बेहद करीब लाने के लिए हमने जी-तोड़ मेहनत की है। हमें घंटों सेना की स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती थी। सिख रेजीमेंट की सरपरस्ती में हमने बेहद कठिन ट्रेनिंग के दौरान जाना कि सैनिकों का काम कितना मुश्किल होता है।
इस फिल्म में सर्जिकल स्ट्राइक और सैनिकों के जीवन को इस तरह से पर्दे पर लाने की कोशिश की गई है कि जब भी सैनिकों के परिवार उसे देखें तो उन्हें यह बिल्कुल हकीकत लगे और वे गौरवान्वित महसूस करें। भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर यह अपने तरह की अलग फिल्म होगी। जो दर्शकों को जरूर पसंद आएगी।
सेना की वर्दी में होता था अलग अहसास
फिल्म की शूटिंग के दौरान जितनी बार भी सेना की वर्दी पहनता था तो एक अलग ही अहसास होता था। उस वर्दी को पहनने के बाद सेना के प्रति सम्मान और अपनी जिम्मेदारी खुद-ब-खुद बढ़ जाती थी। लगता था कि कैसे भी हो इस फिल्म के हर सीन के लिए अपना पूरा पोटेंशियल डाल दूं।
बनारस से इश्क हो चुका है मुझे
अपनी फिल्म मसान की शूटिंग के दौरान मैं बनारस में रहा। वहां के घाट, संस्कृति और फक्कड़पन का मैं दीवाना हो गया। सही कहूं तो मुझे बनारस से इश्क हो चुका है। मसान रिलीज होने के बाद मुझे फिल्म इंडस्ट्री में एक अलग पहचान मिली। मैं मानता हूं कि मसान की आत्मा ही बनारस है। बिना बनारस के उस फिल्म में जान डालना मुश्किल था।
लखनऊ पहुंचते ही खाने का इंतजार था
मैं पहली बार लखनऊ आया हूं। यहां की तहजीब और लजीज खाने के बारे में सुन रखा है। रास्ते में मेरी को-स्टार यामी गौतम ने भी खूब तारीफ की। जब से आया, तभी से इस बात का इंतजार कर रहा था कि कब लंच का टाइम हो और यहां की डिशेज का स्वाद लेने को मिले।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, मगर इंजीनियर नहीं बनना था मुझे
मैंने इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार में 2009 में ग्रेजुएशन किया, लेकिन पढ़ाई के दौरान ही मैंने तय कर लिया था कि मुझे इंजीनियरिंग नहीं करनी है। इसलिए एक्टर बनने के लिए जी-तोड़ मेहनत की। परिवार की फिल्मी पृष्ठभूमि होने का भी फायदा मिला।
अनुराग कश्यप मेरे पसंदीदा
फिल्मों में आने से पहले से ही मैं निर्देशक अनुराग कश्यप का जबरदस्त फैन था। उनकी फिल्म ब्लैक फ्राइडे मेरी फेवरेट फिल्मों में से एक है। उनके साथ मेरा पहला अनुभव बतौर सहायक फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर में रहा। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान मैं पहली बार उत्तर प्रदेश आया था।
आने वाली फिल्में
बहुत जल्द करन जौहर की फिल्म ‘तख्त’ में मैं दर्शकों से रूबरू होऊंगा। यह फिल्म 2019 में रिलीज होगी। मेरी एक हॉरर फिल्म भी अगले साल शुरू हो रही है। इसके अलावा कई और प्रोजेक्ट भी हैं, जिसमें मेरा काम दर्शकों को पसंद आएगा।