धर्मांतरण के जवाब में ‘घर वापसी अभियान’ को फिर तेज करेगी विश्व हिंदू परिषद
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केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार होने के बावजूद धर्मांतरण पर पूरी तरह रोक न लगने से विश्व हिंदू परिषद चिंतित है। उसने दलितों, गरीबों और दूर-दराज इलाकों में ईसाई मिशनरियों और अन्य लोगों की तरफ से चलाए जा रहे धर्मांतरण अभियान के जवाब में ‘घर वापसी अभियान’ को फिर तेज करने का निर्णय किया है। साथ ही जौनपुर, बहराइच, फैजाबाद, लखीमपुर सहित उन जिलों में अपने प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं को निगरानी के लिए तैनात करने का फैसला किया है जहां धर्मान्तरण वाले समूह ज्यादा सक्रिय हैं।
विहिप के राष्ट्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे की मौजूदगी में शनिवार को यहां प्रांत पदाधिकारियों की बैठक में यह फैसला किया गया। इसके अलावा युवकों को जोड़ने और भटक रही युवा पीढ़ी को संस्कारित करने के लिए 23 सितंबर से 2 अक्तूबर तक ‘युवा संस्कार सप्ताह’ आयोजित करने का भी फैसला किया गया।
बैठक में पदाधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई कि केंद्र और प्रदेश में राष्ट्रवादी विचारों की सरकारें होने के बावजूद हिंदुओं को धमकाकर, बहकाकर या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने वाले तत्व सक्रिय हैं। इन पर अभी पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लग पाया है। खासतौर से गरीब और पिछडे़ इलाके के लोगों को लालच देकर और उनके दिमाग में तरह-तरह के भ्रम फैलाकर ईसाई या मुसलमान बना रहे हैं।
परांडे ने कहा, संगठन के लोगों को खुद भी इस मामले में सक्रिय होना चाहिए। घर वापसी अभियान में अब तक छह लाख लोगों को वापस हिंदू बनाया गया है। पर, अब भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनकी घर वापसी कराई जानी है। कहा कि धर्मांतरण पर रोक के लिए कई तरह से प्रयास करने होंगे। ऐसे लोगों पर नजर रखी जाए और उन्हें रोका जाए। तुरंत इनकी शिकायत पुलिस से की जाए। साथ ही धर्मांतरण करने वालों को समझाने के साथ उनकी समस्याएं भी समझी जाएं। हिंदू समाज के सक्षम लोगों को भी गरीबों, दलितों और पिछड़ों की मदद के लिए आगे लाने की कोशिश हो।
संगठन की ताकत बढ़ाने पर जोर
बैठक में युवा संस्कार सप्ताह के दौरान शिविर लगाकर और अभियान से भटके हुए युवाओं को सही रास्ते पर लाने का निश्चय हुआ। युवाओं को सड़क पर वाहन चलाते समय अनुशासन का ख्याल रखने की बात सिखाने के लिए भी काम करने का फैसला हुआ। बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी में नए लोगों को सदस्य बनाने का भी फैसला किया गया।
तैयारी रखें, मंदिर तो बनेगा ही
मंदिर मुद्दे पर विचार-विमर्श करते हुए भी बजरंग दल और दुर्गावाहिनी की ताकत बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया। सभी ने माना कि न्यायालय से सकारात्मक फैसला आने की उम्मीद है क्योंकि सारे तथ्य भाजपा के पक्ष में हैं। न्यायालय से फैसला आता है या अन्य किसी तरीके से मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता है तो भी नौजवानों की जरूरत पड़ेगी।
इसलिए इन संगठनों में लोगों को बड़ी संख्या में भर्ती किया जाए। बैठक में क्षेत्र संगठन मंत्री अंबरीष कुमार, प्रांत अध्यक्ष रामसेवक शर्मा, प्रांतीय मंत्री रामगोपाल पांडेय, सह मंत्री राकेश वर्मा, सह मंत्री हरि अग्रवाल और संगठन के मीडिया प्रभारी शरद शर्मा मौजूद थे।