मिशन यूपी के लिए विहिप का बड़ा आयोजन, योजना तैयार
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विश्व हिंदू परिषद ने इस बार 22 अप्रैल के तय मुहूर्त पर 84 कोसी परिक्रमा में लाखों का हिंदुओं को शामिल कराने का एलान किया है। इसके लिए मार्च से विभिन्न जिलों के पड़ावों से लेकर शहर, कस्बों व गांवों में साधु-संतों के कार्यक्रम के जरिए लोगों को जागरूक करने की योजना है।
हालांकि इस परिक्रमा को हर साल निकालने वाले महंत गयादास विहिप से दूर हैं, और इसे राजनीतिकरण मानते हैं। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन अभी अंजान बना हुआ है।
विहिप पदाधिकारियों ने कारसेवकपुरम में मंगलवार को बैठक कर कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप देने के लिये संगठन में अलग आयाम बनाने की घोषणा की। इसकी कमान धर्म जागरूकता विभाग के प्रभारी सुरेन्द्र सिंह को सौंपी गई है।
विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. प्रवीणभाई तोगड़िया का कार्यक्रम भी जल्द तय हो सकता है।
अभी से ही लग रहे राजनीतिकरण के आरोप
विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि बैठक में 2013 से अधिक प्रभावी 84 कोसी परिक्रमा की रणनीति बनाई है। इसे साधु-संत लीड करेंगे, जबकि विहिप का पूरा साथ व समर्पण होगा।
विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अंबरीश सिंह ने कहा कि परिक्रमा जैसे धार्मिक आयोजन आज भी हमारी संस्कृति और परंपराओं को कायम रखे हुए हैं।
विहिप के वरिष्ठ नेता पुरुषोत्तम नारायण सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा भगवान राम से जुड़ी धार्मिक परंपराओं को सुरक्षित और संरक्षित करना हम सभी का उत्तरदायित्व है।
विहिप कर रही राजनीति: गयादास
- राष्ट्रीय श्री अयोध्या धाम धर्मार्थ सेवा संस्थान द्वारा संचालित 84 कोसी परिक्रमा के संस्थापक गयादास ने कहा कि विहिप नई परंपरा बना रही है। ये लोग परिक्रमा के नाम पर राजनीतिकरण कर रहे हैं।
हमारी परिक्रमा भी विधिसम्मत ढंग से 22 अप्रैल से 16 मई तक संचालित होगी। हमारी परिक्रमा को ही प्रशासन से अनुमति प्राप्त होती है, लेकिन विहिप इस बार माहौल विषाक्त करने में जुट गई है।