{"_id":"6240214b5bff767ed4343d14","slug":"very-less-possibilities-of-fourth-wave-of-corona-infection","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना की चौथी लहर की आशंका कम: दो लहरों के बीच कम से कम छह महीने का रहता है अंतर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना की चौथी लहर की आशंका कम: दो लहरों के बीच कम से कम छह महीने का रहता है अंतर
Sun, 27 Mar 2022 02:03 PM IST
ishwar ashish
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 27 Mar 2022 02:03 PM IST
सार
केजीएमयू के विशेषज्ञों के अनुसार दो लहरों के बीच कम से कम छह महीने का अंतर रहता है। चौथी लहर की आशंका कम है। इसके बावजूद विशेषज्ञों ने प्रोटोकाल का पालन जरूरी बताया है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी लखनऊ में कोरोना के नए केस मिलने में उतार-चढ़ाव जारी है। वहीं, विदेश में संक्रमण के बढ़ते मामलों से भारत में भी चौथी लहर को लेकर लोग आशंकित हो रहे हैं। इसे लेकर केजीएमयू के विशेषज्ञों का कहना है कि दो लहर के बीच कम से कम छह महीने का अंतर रहता है।
विज्ञापन
भारत में तीसरी लहर को खत्म हुए अभी दो महीने ही बीते हैं। इस लिहाज से फिलहाल चौथी लहर आने की आशंका कम ही है। इसके बावजूद विशेषज्ञ संक्रमण से बचने के लिए प्रोटोकॉल का पालन और टीकाकरण कराने की सलाह दे रहे हैं।
विज्ञापन
केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी हिमांशु के अनुसार संक्रमण के मामलों में उतार-चढ़ाव है फिर भी चौथी लहर की आशंका अभी बेहद कम है। उनके अनुसार जिन देशों में इस समय कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, वहां दूसरी और तीसरी लहर का प्रभाव बेहद कम रहा है। चीन में इस समय मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन दूसरी व तीसरी लहर में वहां मामले बेहद कम हैं।
विज्ञापन
भारत में टीकाकरण को लेकर काफी अच्छा काम हुआ है। चौथी लहर को रोकने में इसकी भी बड़ी भूमिका रहेगी। हालांकि, अभी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए, लेकिन चौथी लहर को लेकर कुछ महीने बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
वहीं, केजीएमयू के प्रोफेसर सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज के डॉ. शैलेंद्र सक्सेना का भी कहना है कि कोरोना के नए मामलों की संख्या कम हो चुकी है। इसे देखते हुए फिलहाल चौथी लहर की आशंका कम ही है। इसके बावजूद लोगों को सलाह है कि टीकाकरण कराएं और कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।