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Lucknow News: वेंडर की मनमानी ने बढ़ी दीं मुश्किलें, शिकायतें कई-समाधान नहीं
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लखनऊ। बिजली बिल में राहत के लिए सोलर पैनल लगवाने वाले कई उपभोक्ताओं की मुश्किलें वेंडरों की मनमानी ने बढ़ा दी हैं। गलत फीडिंग से सब्सिडी अटकने, गलत तरीके से पैनल लगाने, पैनल की मरम्मत न होने आदि की समस्याओं का सामना कर रहे उपभोक्ताओं को विभाग से भी मदद नहीं मिल पा रही। आईजीआरएस पर दर्ज शिकायतों का समाधान भी नहीं हो रहा।
आईजीआरएस से लखनऊ नेडा कार्यालय में प्रतिमाह 20 से 25 शिकायतें आती हैं। इसमें ज्यादातर पैनल की मरम्मत, बकाया सब्सिडी और वेंडर की धोखाधड़ी की शिकायतें होती हैं। विभाग शिकायत का निस्तारण कर फरियादियों से फीडबैक लेने का दावा करता है और वेंडर को नोटिस जारी करने की बात भी कही जाती है, मगर हकीकत इसके ठीक विपरीत है। ज्यादातर शिकायतकर्ता समाधान न होने की बात कहते हैं।
नेडा के परियोजना अधिकारी टीकाराम का कहना है कि शिकायत पर वेंडर को नोटिस जारी किया जाता है। समस्या का समाधान न कराने पर कोड लॉक कराने की संस्तुति की जाती है।
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केस-एक : समाधान तो दूर, फोन तक नहीं आया
सुगामऊ-इंदिरानगर के अखिलेश ने करीब 20 दिन पहले आईजीआरएस में शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि सोलर पैनल में लगे बोल्ट खुल गए हैं। इससे पैनल के गिरने का डर है। इस समस्या को करीब डेढ़ माह हो गए हैं। समाधान तो दूर, वेंडर का फोन तक नहीं आया है।
केस-दो : चार साल से नहीं आई सब्सिडी
कुर्सी रोड निवासी मनीष श्रीवास्तव ने करीब चार साल पहले पांच किलोवाट का सोलर लगवाया था। इसकी करीब 78 हजार रुपये सब्सिडी अब तक नहीं आई है। उन्होंने बताया कि कई बार वेंडर से कहा और शिकायत भी की। समाधान अब तक नहीं हुआ।
केस-तीन:
नीलमथा- डिप्टीगंज निवासी राहुल कुमार ने अगस्त के पहले सप्ताह में आईजीआरएस पर शिकायत की थी। बताया कि वेंडर की गलती से उन्हें अब तक सब्सिडी नहीं मिली, जबकि तीन किलोवाट का सोलर लगवाए काफी समय बीत चुका है।
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आईजीआरएस से लखनऊ नेडा कार्यालय में प्रतिमाह 20 से 25 शिकायतें आती हैं। इसमें ज्यादातर पैनल की मरम्मत, बकाया सब्सिडी और वेंडर की धोखाधड़ी की शिकायतें होती हैं। विभाग शिकायत का निस्तारण कर फरियादियों से फीडबैक लेने का दावा करता है और वेंडर को नोटिस जारी करने की बात भी कही जाती है, मगर हकीकत इसके ठीक विपरीत है। ज्यादातर शिकायतकर्ता समाधान न होने की बात कहते हैं।
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नेडा के परियोजना अधिकारी टीकाराम का कहना है कि शिकायत पर वेंडर को नोटिस जारी किया जाता है। समस्या का समाधान न कराने पर कोड लॉक कराने की संस्तुति की जाती है।
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केस-एक : समाधान तो दूर, फोन तक नहीं आया
सुगामऊ-इंदिरानगर के अखिलेश ने करीब 20 दिन पहले आईजीआरएस में शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि सोलर पैनल में लगे बोल्ट खुल गए हैं। इससे पैनल के गिरने का डर है। इस समस्या को करीब डेढ़ माह हो गए हैं। समाधान तो दूर, वेंडर का फोन तक नहीं आया है।
केस-दो : चार साल से नहीं आई सब्सिडी
कुर्सी रोड निवासी मनीष श्रीवास्तव ने करीब चार साल पहले पांच किलोवाट का सोलर लगवाया था। इसकी करीब 78 हजार रुपये सब्सिडी अब तक नहीं आई है। उन्होंने बताया कि कई बार वेंडर से कहा और शिकायत भी की। समाधान अब तक नहीं हुआ।
केस-तीन:
नीलमथा- डिप्टीगंज निवासी राहुल कुमार ने अगस्त के पहले सप्ताह में आईजीआरएस पर शिकायत की थी। बताया कि वेंडर की गलती से उन्हें अब तक सब्सिडी नहीं मिली, जबकि तीन किलोवाट का सोलर लगवाए काफी समय बीत चुका है।