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Lucknow News: बंधन में गाड़ियां, पैदल भटक रहे मरीज-तीमारदार

Thu, 26 Feb 2026 02:21 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Feb 2026 02:21 AM IST
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Vehicles in bondage, patients and attendants wandering on foot
केजीएमयू में परेशान मरीज।
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में मरीजों की सहूलियत के लिए दान में मिलीं दर्जनों गोल्फ गाड़ियां प्रशासन की उदासीनता के कारण धूल फांक रही हैं। आलम यह है कि गाड़ियां ताले में कैद हैं, जबकि गंभीर मरीजों को एक से दूसरे वार्ड तक जाने के लिए ई-रिक्शा वालों को 100-100 रुपये तक देने पड़ रहे हैं।
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कोविड काल और उसके बाद दानदाताओं ने केजीएमयू को बड़ी संख्या में गोल्फ कार्ट उपलब्ध कराई थी। प्रशासन ने रूट चार्ट भी बनाया था, लेकिन यह सुविधा धरातल पर नहीं उतरी। हैरानी की बात यह है कि पिछले वर्ष जब नैक टीम निरीक्षण के लिए आई थी, तब अधिकारियों को घुमाने के लिए इन गाड़ियों को निकाला गया था। टीम के जाते ही गाड़ियां फिर बंद कर दी गईं। स्थिति यह है कि उन पर लगे नैक टीम के स्वागत वाले पोस्टर तक आज भी नहीं हटाए गए हैं।
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मरीजों का समय समाप्त हो गया



परिसर में खाली दौड़ रही एक गोल्फ कार्ट को जब राजेंद्र कुमार ने मरीज की मदद के लिए रुकवाया, तो चालक का जवाब था— मैं सैंपल पहुंचाने आया था, मरीजों को ले जाने का समय खत्म हो गया है। राजेंद्र के अनुसार, इससे पहले भी उन्हें कोई गोल्फ कार्ट मरीज या तीमारदार को लेकर जाती नहीं दिखी।
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मजबूरी का फायदा उठा रहे ई-रिक्शा चालक



उन्नाव से आए तेज प्रताप ने बताया कि उनका मरीज बेहद कमजोर है और चल नहीं सकता। ओपीडी के बाद जांच के लिए जाते समय ई-रिक्शा चालकों ने परिसर के भीतर की थोड़ी सी दूरी के लिए 100 रुपये वसूल लिए।

परिसर में कम हो सकता है यातायात का दबाव



केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना सात हजार से आठ हजार मरीज आते हैं। इसके बाद जांच के लिए उन्हें अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई और कई बार बड़ी पैथोलॉजी तक के चक्कर काटने पड़ते हैं। जिनके पास निजी वाहन हैं, वे परिसर में उन्हें दौड़ाते रहते हैं। इस वजह से कई बार जाम लगने तक की नौबत आ जाती है। वहीं, अगर परिसर के भीतर यातायात की सुविधा मिले तो मरीज और तीमारदारों को सहूलियत होने के साथ ही वाहनों की भीड़ भी कम होगी।

Iएक से दूसरे वार्ड तक जाने के लिए स्ट्रेचर और एंबुलेंस की सुविधा है। कुछ गोल्फ कार्ट चलाई जा रही हैं। बाकी गोल्फ कार्ट ताले में क्यों बंद है, इसकी जानकारी मांगी जाएगी।

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I- प्रो. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयूI

केजीएमयू में परेशान मरीज।

केजीएमयू में परेशान मरीज।

केजीएमयू में परेशान मरीज।

केजीएमयू में परेशान मरीज।

केजीएमयू में परेशान मरीज।

केजीएमयू में परेशान मरीज।

केजीएमयू में परेशान मरीज।

केजीएमयू में परेशान मरीज।

केजीएमयू में परेशान मरीज।

केजीएमयू में परेशान मरीज।

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