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Lucknow News: खंगाली जाएगी वंदेभारत की फुटेज
Wed, 20 Mar 2024 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 20 Mar 2024 12:26 AM IST
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बछरावां (रायबरेली)। वंदेभारत एक्सप्रेस पर फेंके गए पत्थर के मामले में छानबीन तेज कर दी गई है। मंगलवार को फिर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने घटनास्थल और आसपास के गांवों में छानबीन की, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पत्थर फेंकने वाले की शिनाख्त के लिए वंदेभारत ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मंगाई जाएगी। इसके लिए विवेचक को गोरखपुर भेजा जाएगा। यह माना जा रहा है कि सीसीटीवी फुटेज से घटना का खुलासा हो जाएगा।
सोमवार को लखनऊ से रायबरेली की ओर जा रही वंदेभारत एक्सप्रेस पर बछरावां रेलवे स्टेशन के निकट अराजकतत्व ने पत्थर फेंका था, जिससे एसी कोच सी-3 का शीशा चटक गया था। बछरावां की आरपीएफ ने घटनास्थल पर छानबीन की, वहीं रायबरेली स्टेशन पर पहुंची वंदेभारत का परीक्षण भी कराया गया था। मामले में केस दर्ज होने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। हादसे के दूसरे दिन भी घटनास्थल और आसपास के इलाके व नीमटीकर गांव में जीआरपी और आरपीएफ ने छानबीन की, ताकि कोई सुराग हाथ लग सके। हालांकि कोई सफलता नहीं मिली।
आरपीएफ को सीसीटीवी फुटेज का इंतजार है। रेलवे अधिकारी बताते हैं कि आठ कोच वाली वंदेभारत एक्सप्रेस में 56 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। हर कैमरे की क्षमता 200 मीटर दूरी तक है। यानी कि 200 मीटर दूर की गतिविधि को कैमरे में कैद किया जा सकता है। इसीलिए सीसीटीवी फुटेज से सुराग हाथ लग सकता है। बछरावां के आरपीएफ प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि वंदेभारत के सीसीटीवी फुटेज लेने के लिए विवेचक को गोरखपुर भेजा जाएगा। दो दिन में फुटेज आने के बाद सच्चाई सामने आ सकेगी।
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वंदेभारत की सुरक्षा के लिए तैनात रहे सिपाही
वंदेभारत के आने पर रेलवे स्टेशनों और आसपास के क्षेत्र में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था रहती थी, लेकिन घटना के बाद से आरपीएफ व जीआरपी ज्यादा सतर्क हो गई है और सुरक्षा बढ़ा दी है। मंगलवार को सुबह वंदेभारत ट्रेन के गोरखपुर से प्रयागराज जाते समय और शाम को वापस लौटते समय सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रही। बछरावां क्षेत्र में हर 300 मीटर की दूरी पर सिपाही तैनात किए गए, ताकि फिर कोई घटना न घटे।
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सोमवार को लखनऊ से रायबरेली की ओर जा रही वंदेभारत एक्सप्रेस पर बछरावां रेलवे स्टेशन के निकट अराजकतत्व ने पत्थर फेंका था, जिससे एसी कोच सी-3 का शीशा चटक गया था। बछरावां की आरपीएफ ने घटनास्थल पर छानबीन की, वहीं रायबरेली स्टेशन पर पहुंची वंदेभारत का परीक्षण भी कराया गया था। मामले में केस दर्ज होने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। हादसे के दूसरे दिन भी घटनास्थल और आसपास के इलाके व नीमटीकर गांव में जीआरपी और आरपीएफ ने छानबीन की, ताकि कोई सुराग हाथ लग सके। हालांकि कोई सफलता नहीं मिली।
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आरपीएफ को सीसीटीवी फुटेज का इंतजार है। रेलवे अधिकारी बताते हैं कि आठ कोच वाली वंदेभारत एक्सप्रेस में 56 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। हर कैमरे की क्षमता 200 मीटर दूरी तक है। यानी कि 200 मीटर दूर की गतिविधि को कैमरे में कैद किया जा सकता है। इसीलिए सीसीटीवी फुटेज से सुराग हाथ लग सकता है। बछरावां के आरपीएफ प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि वंदेभारत के सीसीटीवी फुटेज लेने के लिए विवेचक को गोरखपुर भेजा जाएगा। दो दिन में फुटेज आने के बाद सच्चाई सामने आ सकेगी।
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वंदेभारत की सुरक्षा के लिए तैनात रहे सिपाही
वंदेभारत के आने पर रेलवे स्टेशनों और आसपास के क्षेत्र में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था रहती थी, लेकिन घटना के बाद से आरपीएफ व जीआरपी ज्यादा सतर्क हो गई है और सुरक्षा बढ़ा दी है। मंगलवार को सुबह वंदेभारत ट्रेन के गोरखपुर से प्रयागराज जाते समय और शाम को वापस लौटते समय सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रही। बछरावां क्षेत्र में हर 300 मीटर की दूरी पर सिपाही तैनात किए गए, ताकि फिर कोई घटना न घटे।