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Lucknow News: हेपेटाइटिस ए और बी से बचा सकता है टीकाकरण
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लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में हेपेटोलाॅजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमित के मुताबिक हेपेटाइटिस ए और बी से बचाव में टीकाकरण बेहद अहम है। वह 28 जुलाई को मनाए जाने वाले विश्व हेपेटाइटिस दिवस से पहले शनिवार को संस्थान में आयोजित मास्टर क्लास कार्यक्रम में बोल रहे थे।
निदेशक प्रो. आरके धीमन ने कहा कि वर्ष 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस को 2030 तक समाप्त किया जा सकता है। इसके लिए हमें युवा डॉक्टरों और चिकित्सकों को वायरल हेपेटाइटिस के महत्व के बारे में प्रशिक्षित करना होगा। हेपेटोलॉजी विभाग के संकाय डॉ. अजय कुमार मिश्रा और डॉ. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि संस्थान का हेपेटोलॉजी विभाग प्रदेश का पहला ऐसा विभाग है जो यकृत राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत वायरल हेपेटाइटिस के निदान और उपचार के लिए एक निशुल्क उपचार केंद्र चला रहा है।
जानें, क्यों होता है वायरल हेपेटाइटिस
वायरल हेपेटाइटिस लिवर में होने वाली एक बीमारी है, जो वायरस के कारण होती है। यह बीमारी हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई जैसे विभिन्न वायरस के कारण हो सकती है। थकान, पेट दर्द, भूख न लगना, मितली, उल्टी, पीलिया और गहरे रंग की पेशाब इसके लक्षण हैं।
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निदेशक प्रो. आरके धीमन ने कहा कि वर्ष 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस को 2030 तक समाप्त किया जा सकता है। इसके लिए हमें युवा डॉक्टरों और चिकित्सकों को वायरल हेपेटाइटिस के महत्व के बारे में प्रशिक्षित करना होगा। हेपेटोलॉजी विभाग के संकाय डॉ. अजय कुमार मिश्रा और डॉ. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि संस्थान का हेपेटोलॉजी विभाग प्रदेश का पहला ऐसा विभाग है जो यकृत राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत वायरल हेपेटाइटिस के निदान और उपचार के लिए एक निशुल्क उपचार केंद्र चला रहा है।
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जानें, क्यों होता है वायरल हेपेटाइटिस
वायरल हेपेटाइटिस लिवर में होने वाली एक बीमारी है, जो वायरस के कारण होती है। यह बीमारी हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई जैसे विभिन्न वायरस के कारण हो सकती है। थकान, पेट दर्द, भूख न लगना, मितली, उल्टी, पीलिया और गहरे रंग की पेशाब इसके लक्षण हैं।
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