27 हजार लोगों को नौकरी देगी यूपी सरकार
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प्रदेश में मनरेगा व इंदिरा आवास योजना की निगरानी करीब 27 हजार लोग करेंगे।
इसके सोशल ऑडिट के लिए जिला व ब्लॉक कोआर्डिनेटरों के साथ सोशल ऑडिट टीमों का नए सिरे से गठन होगा। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अरुण सिंघल ने कोआर्डिनेटरों व टीम सदस्यों के चयन के दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।
सरकार ने मनरेगा व इंदिरा आवास से कराए जाने वाले कार्यों के स्थलीय सत्यापन व जांच के लिए हर जिले में एक जिला सोशल ऑडिट कोआर्डिनेटर, विकास खंड स्तर पर सोशल ऑडिट कोआर्डिनेटर व हर 10 ग्राम पंचायतों के समूह पर पांच-पांच सदस्यीय सोशल ऑडिट टीमें गठित करने का फैसला किया है।
कौन होगा कोऑर्डिनेटर
जिला व ब्लॉक स्तर पर सोशल ऑडिट से जुड़े कोआर्डिनेटर व सदस्य को सरकार की ओर से मानदेय भी मिलेगा।
प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास ने कहा कि जिस श्रेणी में जिला पंचायत आरक्षित होगी जिला कोआर्डिनेटर उस श्रेणी का और जिस श्रेणी में क्षेत्र पंचायत आरक्षित होगी उस श्रेणी का ब्लॉक कोआर्डिनेटर होगा।
जिले के कोआर्डिनेटर को जिला व ब्लाक के कोआर्डिनेटर को उसी ब्लॉक का निवासी होना चाहिए। पूर्व से नियुक्त कोआर्डिनेटरों की सेवाएं यदि पहले ही समाप्त नहीं की गई होंगी तो नई व्यवस्था के अनुसार नए कोआर्डिनेटरों के कार्यभार संभालने के साथ ही समाप्त हो जाएंगी।
सेवा प्रदाता के जरिये होगी नियुक्त
जिला व ब्लॉक स्तर पर कोआर्डिनेटरों की नियुक्ति सेवा प्रदाता के जरिये होगी। हर साल सितंबर से नवंबर के बीच समस्त जिलों में एक साथ विज्ञापन निकालकर अगले वित्त-वर्ष के लिए नियुक्तियां की जाएंगी।
सोशल ऑडिट की हर टीम में सामान्य, ओबीसी, एससी, महिला व श्रमिक वर्ग का एक-एक सदस्य होगा।
ब्लॉक स्तर पर हर वर्ग से दो-दो सदस्यों का वेटिंग पैनल बनाया जाएगा ताकि चयनित सदस्यों के किसी वजह से उपस्थित न होने पर उनकी भागीदारी कराई जा सके।
ये है योग्यता
जिला कोआर्डिनेटर : स्नातक, सोशल वर्कर के रूप में तीन वर्ष काम करने अथवा सोशल ऑडिट में दो वर्ष या ऑडिट टीम के सदस्य के रूप में कम से कम पांच सोशल ऑडिट में शामिल होने का अनुभव
ब्लॉक कोआर्डिनेटर: इंटरमीडिएट, सोशल वर्कर के रूप में दो वर्ष काम करने अथवा सोशल ऑडिट में एक वर्ष या ऑडिट टीम के सदस्य के रूप में कम से कम तीन सोशल ऑडिट में शामिल होने का अनुभव
ऑडिट टीम सदस्य : हाईस्कूल (श्रमिक सदस्य के लिए शैक्षिक योग्यता की शर्त नहीं)
इस तरह मिलेगा मानदेय
- जिला कोआर्डिनेटर - 12,000 रुपये मानदेय व 3000 रुपये यात्रा भत्ता
- ब्लॉककोआर्डिनेटर - 8000 रुपये मानदेय व 2000 रुपये यात्रा भत्ता
- ग्राम सोशल ऑडिट टीम सदस्य- 500 रुपये प्रति सोशल ऑडिट प्रति सदस्य