फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Uttarakhand Paper Leak Case: STF arrested Mastermind Musa and Yogeshwar with prize of Rs 1 lakh

यूकेएसएसएससी पेपर लीक प्रकरण : एसटीएफ ने दो लाख के इनामी मास्टर माइंड मूसा और योगेश्वर राव को दबोचा

Fri, 16 Sep 2022 01:03 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 16 Sep 2022 01:03 AM IST
सार

उत्तराखंड राज्य की 2021 में परीक्षा का पेपर लीक मामले में देहरादून के रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में गिरोह का मास्टर माइंड सैयद सादिक हुसैन मूसा और योगेश्वर राव काफी दिनों से फरार चल रहे थे। इस गिरोह के अब तक करीब 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

विज्ञापन
Uttarakhand Paper Leak Case: STF arrested Mastermind Musa and Yogeshwar with prize of Rs 1 lakh
सैयद सादिक मूसा और योगेश्वर राव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड में आयोजित 2021 की परीक्षा में पेपर लीक कराने वाले गिरोह का मास्टर माइंड व सरगना सैयद सादिक मूसा व उसके करीबी सहयोगी योगेश्वर राव को एसटीएफ लखनऊ ने दबोच लिया। मूसा पर उत्तराखंड पुलिस ने दो लाख और योगेश्वर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। दोनों को एसटीएफ उत्तराखंड पिछले 15 दिन से तलाश रही थी। एसटीएफ एसएसपी विशाल विक्रम सिंह की टीम ने दोनों आरोपियों को दबोचा है। उनके पास से नकदी बरामद की है। दोनों को उत्तराखंड एसटीएफ को सुपुर्द करने की तैयारी चल रही है।

विज्ञापन


एसटीएफ के कार्यवाहक एसएसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक उत्तराखंड राज्य की 2021 में परीक्षा का पेपर लीक मामले में देहरादून के रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में गिरोह का मास्टर माइंड सैयद  सादिक हुसैन मूसा और योगेश्वर राव काफी दिनों से फरार चल रहे थे। इस गिरोह के अब तक करीब 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मूसा मूलरूप से अंबेडकरनगर के अब्दुलपुर सहजादपुर  का रहने वाला है। इस पर उत्तराखंड पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वहीं गाजीपुर के सहाबुद्दीनपुर भड़सर निवासी योगेश्वर राव उर्फ राजू पर एक लाख का इनाम घोषित किया था। दोनों के नाम का खुलासा गिरोह के सदस्यों ने एसटीएफ उत्तराखंड के अधिकारियों के पूछताछ में किया था। दोनों लखनऊ के इंदिरानगर के बी-ब्लॉक जैन मंदिर के पास शरण लिये थे। एसटीएफ की टीम ने दोनों को बृहस्पतिवार को विभूतिखंड के बांसमंडी इलाके से दबोचा है।
विज्ञापन


आरएमएस कंपनी के कर्मचारी ने आठ लाख में किया था सौदा
कार्यवाहक एसएसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद काफी देर तक पूछताछ की गई। दोनों ने बताया कि उत्तराखंड राज्य में आयोजित परीक्षा का प्रश्नपत्र इंजीनियरिंग कालेज चौराहे पर स्थित आरएमएस सल्यूशन कंपनी द्वारा मुद्रित किया गया था। मूसा व योगेश्वर ने बताया कि यह जानकारी  आरएमएस कंपनी में काम करने वाले कासान शेख ने दी थी। कासान ने यह भी बताया कि परीक्षा 4 दिसंबर को आयोजित होगी। बातचीत के दौरान कासान ने परीक्षा पेपर में उपलब्ध कराने की बात कही थी। इसके बदले आठ लाख रुपये लूंगा। जिस पर दोनाें ने सौदा तय किया। मूसा ने पूछताछ में बताया कि कासान ने पांच दिसंबर को दूसरी पाली में होने वाली परीक्षा का पेपर तीन दिसंबर को इंजीनियरिंग कालेज चौराहे के पास स्थित गौशाला के सामने दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


हल्द्वानी के होटल में तय हुआ 10 लाख प्रति परीक्षार्थी दाम
पेपर मिलने की जानकारी उत्तराखंड के शशिकांत सिंह व बिजनौर के धामपुर निवासी केंद्रपाल सिंह को दिया। केंद्र पाल सिंह ने उत्तराखंड हल्द्वानी पहुंचने के लिए भी कहा। हम लोग अपने साधनों से फिरोज व संपन्न राव के साथ चार दिसंबर 2021 को हल्द्वानी पहुंचे। जहां बृजपाल हास्पिटल के पास एक होटल में योगेश्वर राव के नाम से दो कमरे बुक किया गया था। वहीं पर शशिकांत व केंद्रपाल सिंह से मुलाकात हुई। जिसके बाद दोनों से प्रति परीक्षार्थी 10 लाख रुपये लेने की बात तय की गई। परीक्षा के बाद शशिकांत ने योगेश्वर राव को 20 लाख रुपये दिया। बाकी रकम बाद में देने का वादा किया था। जो रकम मिली थी योगेश्वर ने उसे कासान शेख को दिया था।


स्क्रीनिंग में 100 परीक्षार्थी संदिग्ध मिले तो हुई जांच
पूछताछ में मूसा ने एसटीएफ टीम को बताया कि परीक्षा संपन्न होने के बाद 2022 में उत्तराखंड विधानसभा का चुनाव था। आचार संहिता लागू हो गई थी। चुनाव संपन्न होने के बाद परीक्षा का परिणाम जारी हुआ। परिणाम जारी होने के बाद आयोग ने परीक्षार्थियों की स्क्रीनिंग कराई। जिसमें 100 परीक्षार्थी संदिग्ध पाये गये। जिसके बाधार पर आयोग ने मामले की जांच शुरू करा दी। कार्यवाहक एसएसपी एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक जांच में अनियमितता पाये जाने पर देहरादून के रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। मूसा ने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया के जरिए उनके नाम सामने आने की बात पता चली। साथ ही इनाम की बात भी पता चल गई। गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपने लगे। एसएसपी विशाल के मुताबिक दोनों आरोपियों को एसटीएफ उत्तराखंड विधिक कार्यवाही के लिए सुपुर्द कर दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed