UP Lockdown: 25 से 27 मार्च तक पूरा यूपी रहेगा लॉकडाउन में, दवा सहित जरूरी सुविधाएं नहीं होंगी प्रभावित
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कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए यूपी सरकार ने 25 से 27 मार्च तक पूरी तरह लॉकडाउन की घोषणा की है। इसकी जानकारी अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी प्रेस कांफ्रेंस कर दी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो कर्फ्यू भी लगाएंगे।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अभी तक 350 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों द्वारा धरना समाप्त करने पर आभार जताया।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चार कमेटियों को गठन किया है। जिसकी मदद से जनता की जरूरतों को पूरा किया जाएगा। जरूरत की चीजों और पूजन सामग्री की होम डिलीवरी करवाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया जाएगा। इलाहबाद बैंक की मदद से 597000 श्रमिकों के खातों में 1000-1000 रुपये दिए गए हैं। 1,65,00000 लोगों को खाद्यान्न देने के निर्देश जारी किए गए हैं। मनरेगा के मजदूरों के खाते में धन दिया गया है। अब विभिन्न पेंशन के 83 लाख लाभार्थियों को एडवांस तीन महीने की पेंशन अप्रैल में दी जाएगी।
वहीं, प्रधान सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दो नए मामले आज शामली के आए हैं। क्वारंटीन के लिए 5000 बेड तैयार हैं। 2800 से ज्यादा आइसोलेशन बेड तैयार किए गए हैं। सभी मेडिकल कॉलेजों में 200 बेड तैयार किए गए हैं। कोरोना की टेस्टिंग छह जगहों पर की जा रही है। घबराने की जरूरत नहीं है। संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें।
मुख्यमंत्री योगी ने दिलाया भरोसा, आवश्यक चीजों की बिल्कुल भी कमी नहीं होने दी जाएगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक चीजों की बिल्कुल भी कमी नहीं होने दी जाएगी। अनावश्यक मास्क न लगाएं। दवा की दुकानें खुली रहेंगी। लॉकडाउन से जरूरी सुविधाएं बिल्कुल भी प्रभावित नहीं होंगी। उन्होंने सामाजिक और व्यापारिक संगठनों से अपील की है कि वे इस लॉकडाउन का समर्थन करें क्योंकि यही सुरक्षा का एकमात्र विकल्प है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 35 लाख श्रमिकों को 1000 रुपये प्रतिमाह भत्ता दिया जाएगा। जल्द से जल्द दिहाड़ी मजदूरों के खाते में डीबीटी के माध्यम से एक साथ एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि भेजी जाएगी। ठेला-खोमचा व रेहड़ी वालों के साथ ही रिक्शा और ई-रिक्शा वालों को भी इससे जोड़ा जाएगा और उनके अकाउंट में भी सहायता राशि भेजी जाएगी। सरकारी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारी भी कार्यरत होंगे। किसी कर्मचारी की छुट्टी के पैसे नहीं कटेंगे।
उन्होंने लोगों से अपील की कि इस महामारी से बचने के लिए हर तरह की फेक न्यूज से सावधान रहें। किसी भी जानकारी के लिए मुख्यमंत्री हेलपलाइन नंबर से संपर्क कर सकते हैं। आज रात पीएम मोदी फिर से जनता को संबोधित करेंगे और हमें उनके नेतृत्व में इसी तरह इस महामारी से लड़ना है।